पंजाब के मलेरकोटला रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर ने भगवंत मान सरकार की पहल से 27,500 युवाओं को कुशल ड्राइवर प्रशिक्षण दिया, जिससे बेरोज़गारी कम हुई और सड़क सुरक्षा बढ़ी।
कभी पंजाब की सड़कों पर एक खामोश सी उदासी दौड़ती थी। सड़कों पर वाहन तो दौड़ते थे, पर कई घरों के चूल्हे की आग धीमी पड़ चुकी थी। इसी निराशा के बीच, भगवंत मान सरकार ने एक ऐसा ‘गियर’ बदला है, जिसकी आवाज़ सिर्फ हॉर्न की नहीं, बल्कि उम्मीद की धुन बनकर गूँज रही है। बात हो रही है परिवहन विभाग की उस क्रांतिकारी पहल की, जिसके तहत 27,500 युवाओं को उच्च स्तरीय ड्राइवर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है; यह ‘रंगला पंजाब’ के सपने को ज़मीन पर उतारने का, एक भावनात्मक संकल्प है।
भगवंत मान सरकार के तहत, पंजाब परिवहन विभाग ने जून 2023 से मलेरकोटला स्थित क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (आरडीटीसी) में 27,500 ड्राइवरों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है। यह प्रशिक्षण राज्य सरकार और अशोक लीलैंड लिमिटेड के सहयोग से स्थापित आरडीटीसी में आयोजित किया गया था। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी युवाओं को कुशल ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान करना है ताकि योग्य वाणिज्यिक वाहन चालकों की कमी को दूर किया जा सके और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।
राज्य की योजना प्रशिक्षण सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए पंजाब भर में 21 स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल स्थापित करने और संचालित करने की भी है। चार वर्षों से पंजाब में राज्य परिवहन आयुक्त कार्यालय निवासियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण समाधान प्रदान करने हेतु एजेंसियों का पैनल बना रहा है।
भगवंत मान सरकार ने इस प्रशिक्षण को केवल गाड़ी चलाना सिखाने तक सीमित नहीं रखा है। उन्हें आपातकालीन स्थितियों से निपटने, सड़क अनुशासन और यात्री सुरक्षा के गूढ़ मंत्र दिए जा रहे हैं। पुरानी सोच को छोड़कर, आधुनिक वाहनों और तकनीक की समझ विकसित की जा रही है। यह प्रशिक्षण एक पुल है—बेरोज़गारी की खाई पर बना, जो युवाओं को न सिर्फ सरकारी परिवहन बेड़े में, बल्कि देश और विदेश के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी सम्मानजनक जगह दिलाएगा। 27,500 का आंकड़ा महज एक सांख्यिकीय डेटा नहीं है। यह उन 27,500 परिवारों का जीवन स्तर बदलने का संकल्प है।
पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि यह प्रशिक्षण केंद्र ड्राइविंग कौशल को बढ़ाने, सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और समाज में ड्राइवरों की स्थिति को ऊपर उठाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पंजाब सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल, क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र मलेरकोटला पंजाब के ड्राइविंग परिदृश्य को बदल रहा है और सुरक्षा के प्रति जागरूक कुशल ड्राइवरों की एक नई पीढ़ी को प्रोत्साहित कर रहा है। समाज में ड्राइवरों की स्थिति को ऊपर उठाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह पहल हमें बताती है कि भगवंत मान सरकार की सोच केवल इंफ्रास्ट्रक्चर पर नहीं, बल्कि मानव संसाधन पर भी है। एक कुशल चालक न केवल दुर्घटनाओं को कम करता है, बल्कि वह परिवहन की गति और विश्वसनीयता को भी बढ़ाता है। यानी, यह एक ऐसा निवेश है जिसका रिटर्न पूरे समाज को मिलेगा—सुरक्षित सड़कें, बेहतर यात्रा अनुभव, और तेज़ आर्थिक विकास।
यह योजना पंजाब के युवाओं को यह संदेश देती है: “आपकी मेहनत और पसीना जाया नहीं जाएगा। इस मिट्टी ने आपको जो हुनर दिया है, मान सरकार उसे पहचान और अवसर देगी।”यह प्रशिक्षण एक पुल है—बेरोज़गारी की खाई पर बना, जो युवाओं को न सिर्फ सरकारी परिवहन बेड़े में, बल्कि देश और विदेश के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी सम्मानजनक जगह दिलाएगा।