कुलतार सिंह संधवां ने केंद्र सरकार से किसानों के मुद्दों पर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की, आयातित सेब और व्यापार समझौते पर भी जताई चिंता।
पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह किसानों से जुड़े अहम मुद्दों पर तुरंत ध्यान दे और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह को गंभीरता से अपनाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच हाल में किए गए व्यापारिक समझौते से भारतीय किसानों को भारी नुकसान होने की संभावना है, इसलिए इसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।
किसानों के हित में तुरंत हस्तक्षेप की आवश्यकता
संधवां ने केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं के प्रति उदासीनता दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों की मांगों और समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है और उनकी सुरक्षा और हित के लिए आवाज उठाती रहेगी।
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आयातित सेब की गुणवत्ता पर सवाल
अपोलो अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह का हवाला देते हुए संधवां ने बताया कि आयातित सेब लंबे समय तक भंडारण और परिवहन के कारण 40-85% तक पोषक तत्व, विशेषकर विटामिन C, खो देते हैं। उन्होंने कहा कि इन सेबों का रंग आकर्षक जरूर होता है, लेकिन पोषण और गुणवत्ता में घरेलू सेबों के मुकाबले यह काफी कमतर हैं। इसके विपरीत, कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के सेब कम कीमत में अधिक पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं।
व्यापारिक समझौते को रद्द करने की मांग
संधवां ने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों के हित में नहीं है और इससे घरेलू उत्पादकों को नुकसान पहुंच सकता है, जबकि विदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस समझौते को तुरंत रद्द किया जाए और किसानों के हितों की रक्षा की जाए।
केंद्र सरकार से पुनर्विचार की अपील
अंत में संधवां ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इन गंभीर मुद्दों पर तुरंत निर्णय लेगी और देश के किसानों की आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और स्थिरता सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई और उनकी उपज की सुरक्षा किसी भी राजनीतिक या व्यापारिक समझौते से ऊपर होनी चाहिए।