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पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार (BJP) की आलोचना करते हुए कहा कि MNREGA को “विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” में बदलकर गरीबों, महिलाओं और दलितों के गारंटीड रोजगार और अधिकार छीन लिए गए हैं। उनका कहना था कि इससे राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी पड़ेगा।
दलित और गरीबों के अधिकार खतरे में
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि नई योजना MNREGA की मूल भावना को खत्म कर देती है। उन्होंने सवाल उठाया, “गरीबों से भोजन और रोजगार का अधिकार छीनकर भारत कैसे ‘विश्वगुरु’ या ‘विकसित भारत’ बन सकता है?” उन्होंने अकाली दल पर भी निशाना साधा कि भाजपा के इस कदम पर वे चुप हैं।
AAP बनेगी दलित और मजदूरों की आवाज़
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भरोसा दिलाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) दलित और मजदूरों की समस्याओं को प्रधानमंत्री तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि BJP की “पंजाब-विरोधी मानसिकता” लगातार राज्य के हितों के खिलाफ फैसले ले रही है, जिसका उदाहरण उन्होंने चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी और भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड का हवाला देते हुए दिया।
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सामाजिक और आर्थिक असर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में पंजाब में MNREGA के तहत महिलाओं की भागीदारी 60% और अनुसूचित जातियों की भागीदारी 70% रही। नई योजना के लागू होने से इन वर्गों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी।
केंद्र सरकार पर कॉरपोरेट पक्षपात का आरोप
मान ने केंद्र पर आरोप लगाया कि औद्योगिक घरानों को लाभ देने के लिए गरीबों की योजनाओं के बजट में कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा, “जहां अडानी जैसे उद्योगपतियों को भारी सब्सिडी दी जा रही है, वहीं गरीब हितैषी योजनाओं के बजट घटाए जा रहे हैं।”
राजनीतिक आरोप और कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस पर भी कटाक्ष किया और कहा कि पार्टी बहस से भागकर BJP की मिलीभगत को छुपा रही है। उन्होंने कांग्रेस से स्पष्ट रुख की मांग की कि वे नई योजना को स्वीकार करती है या नहीं। उन्होंने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा पर भी आरोप लगाया कि वे केवल मीडिया में बने रहने के लिए काम कर रहे हैं।
AAP का जनता के प्रति संकल्प
मान ने दोहराया कि पंजाब सरकार जनता के अधिकारों की संरक्षक है और किसी को भी इन्हें लूटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष सत्र में MNREGA में बदलाव के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया और पंजाब ने अपनी प्रतिबद्धता जताई कि गरीबों और दलितों के रोजगार और अधिकार सुरक्षित रहेंगे।