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पंजाब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 2025 की भीषण बाढ़ और सीमा तनाव के मद्देनजर केंद्र से विशेष वित्तीय पैकेज, पुलिस आधुनिकीकरण और कृषि-ग्रामीण विकास के लिए तत्काल सहायता की मांग की।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय पैकेज और तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की है। यह मांग राज्य में 2025 में आए भारत–पाक सीमा तनाव और भारी बाढ़ के कारण हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए की गई।
नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ आयोजित प्री-बजट बैठक में, हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय बजट 2026–27 के लिए पंजाब की वित्तीय जरूरतों और नीतिगत मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा दबाव और प्राकृतिक आपदा के चलते पंजाब की आर्थिक गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ा है।
बाढ़ से हुए नुकसान का ब्योरा
वित्त मंत्री ने बताया कि 2025 की बाढ़ से 2,300 से अधिक गांव और करीब 20,000 परिवार प्रभावित हुए। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य को लगभग ₹12,905 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने बाढ़ से उत्पन्न पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 1% की अतिरिक्त उधारी सीमा की मांग की, जो एफआरबीएम अधिनियम के तहत प्राकृतिक आपदाओं और सुरक्षा संकट के समय मान्य है।
पुलिस आधुनिकीकरण और सीमा सुरक्षा
राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, चीमा ने पुलिस आधुनिकीकरण, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली सुदृढ़ करने और एंटी-ड्रोन तकनीक के लिए ₹1,000 करोड़ की विशेष केंद्रीय सहायता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण उठाए गए अतिरिक्त सुरक्षा बोझ को रियायत नहीं, बल्कि सहयोगात्मक संघवाद के रूप में देखा जाना चाहिए।
ग्रामीण विकास और कृषि प्रोत्साहन
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ग्रामीण विकास फंड (RDF): जून 2025 तक लंबित ₹7,757 करोड़ तुरंत जारी करने की मांग।
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धान विविधीकरण: किसानों को मौजूदा ₹7,500 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर ₹15,000 प्रति एकड़ करने का प्रस्ताव।
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सहकारी फसल ऋण: 3% ब्याज सहायता और ग्रामीण सहकारी बैंकों को 40% तक पुनर्वित्त सुविधा।
जीएसटी और मनरेगा पर चिंता
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GST 2.0 के कारण पंजाब को सालाना ₹6,000 करोड़ का राजस्व घाटा।
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राज्यों के लिए स्थायी GST मुआवजा या स्थिरीकरण तंत्र लागू करने की मांग।
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मनरेगा: प्रस्तावित नए ढांचे का विरोध, मूल मांग-आधारित मॉडल बहाल करने की अपील।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बजटीय आपत्ति
वित्त मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत 2025–26 के लिए पंजाब का आवंटन घटाकर ₹252 करोड़ कर दिया गया, जबकि मूल राशि ₹452.78 करोड़ थी। उन्होंने मांग की कि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए मूल आवंटन बहाल किया जाए।
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केंद्र से अपेक्षित विशेष समर्थन
चीमा ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय बजट 2026–27 में सीमा सुरक्षा और जलवायु संकट दोनों से जूझ रहे पंजाब की विशिष्ट चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विशेष समर्थन प्रदान किया जाएगा।
पंजाब सरकार की प्रमुख मांगें
राज्य आपदा राहत और जीएसटी
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SDRF के बकाया पर ब्याज देनदारी से छूट
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₹6,000 करोड़ वार्षिक GST नुकसान की भरपाई
सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था
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पुलिस आधुनिकीकरण और एंटी-ड्रोन तकनीक के लिए ₹1,000 करोड़
कृषि और सहकारिता
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धान विविधीकरण प्रोत्साहन ₹15,000 प्रति एकड़
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RDF ₹7,757 करोड़ तुरंत जारी
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सहकारी फसल ऋणों पर 3% ब्याज सहायता
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ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए 40% पुनर्वित्त
जल संसाधन और बाढ़ प्रबंधन
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PMKSY के तहत ₹1,053 करोड़
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BBMB जलाशयों का संचालन पंजाब को
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रंजीत सागर और शाहपुरकंडी डैम का बकाया जारी
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जल जीवन मिशन के ₹443 करोड़ केंद्रीय हिस्से की रिलीज़
स्वास्थ्य, रोजगार और बिजली
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मनरेगा का मूल मांग-आधारित मॉडल बहाल
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NHM का आवंटन ₹452.78 करोड़ बहाल
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कोयले की ढुलाई पर 20% रेलवे फ्रेट रियायत
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निजी थर्मल प्लांटों को पच्छवाड़ा खान से कोयला उपयोग की अनुमति
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नवीकरणीय ऊर्जा व्यापार मार्जिन घटाकर 2 पैसे/यूनिट