मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खेल और युवा सेवा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंजाब के खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापक योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य भर में 1,350 करोड़ रुपये की लागत से 3,100 स्टेडियम जून 2026 तक तैयार किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन स्टेडियमों में जॉगिंग ट्रैक, समतल खेल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट, स्टोर, पेड़ और बाड़ जैसी सुविधाओं का निर्माण समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसके अलावा राज्यभर में लगभग 3,000 अत्याधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे, जिसमें बारबेल, डम्बल, केटलबेल, फ्लोर मैट और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे।
सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपये की लागत से 17,000 खेल किट भी वितरित की जाएंगी। इन किटों में वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट बैट, विकेट, गेंद और नेट जैसी सामग्री शामिल होगी। पहले चरण में मार्च 2026 तक 5,600 खेल किट गांवों में वितरित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ने और नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने के लिए यह पहल अहम है। उन्होंने बताया कि विभाग एक व्यापक खेल पोर्टल लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसमें खिलाड़ियों का पंजीकरण, ऑनलाइन ग्रेडेशन, ई-प्रमाणपत्र, मैदान आरक्षण और खेल आयोजनों की जानकारी उपलब्ध होगी।
also read: मान सरकार का बड़ा कदम: चुनाव ड्यूटी में मृत अध्यापक जोड़े…
इसके अलावा, राज्य के नौ वन क्षेत्रों में 10,000 युवाओं के लिए ट्रेकिंग, एडवेंचर और टीम एक्टिविटी कैंप आयोजित किए जाएंगे। जनवरी से पल्लनपुर, सिसवान, मिर्जापुर, टिब्बा तापरिया, नारा और हरिके पट्टन आर्द्रभूमि में शिविर आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सेक्टर 42 ए में 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा। इसमें 200 युवाओं के लिए छात्रावास, 400 लोगों की क्षमता वाला सभागार, सम्मेलन कक्ष और सेमिनार कक्ष जैसी सुविधाएं होंगी।
उन्होंने कहा कि खेल नीति 2023 लागू की गई है और इसके तहत बजट 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये किया गया है। मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी टर्फ का आधुनिकीकरण 10.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मोहाली स्पोर्ट्स स्टेडियम सेक्टर 78 में 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सिंथेटिक ट्रैक मार्च 2026 तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है, जहां खेल चिकित्सा विभाग स्थापित किया गया है और इसमें 92 कर्मियों को नियुक्त किया गया है ताकि चोटग्रस्त खिलाड़ियों की देखभाल की जा सके और उनके प्रदर्शन में सुधार हो।