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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन के साथ इंडिया-रूस समिट में आतंकवाद की जड़ और पहलगाम हमले का जिक्र किया। भारत-रूस आर्थिक, व्यापारिक और युवा सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ 23वें इंडिया-रूस बाइलेटरल समिट में जॉइंट प्रेस मीट के दौरान कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि पच्चीस साल पहले प्रेसिडेंट पुतिन ने भारत-रूस की स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की नींव रखी थी, और आज यह रिश्ता समय की कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरा है।
आतंकवाद की जड़ एक ही है
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पहलगाम हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर कायरतापूर्ण हमला, इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर हमला है और इसके खिलाफ वैश्विक एकता ही सबसे बड़ी ताक़त है।
भारत-रूस आर्थिक और व्यापारिक सहयोग
पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देश यूरेशियन इकॉनॉमिक यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के जल्द समापन के लिए प्रयासरत हैं। इसके अलावा, भारत-रूस श्रम और दूरसंचार क्षेत्र में समझौते भी कर रहे हैं। इंडिया-रूस बिजनेस फोरम में दोनों देशों के डेलीगेट्स व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देंगे, जिससे एक्सपोर्ट, को-प्रोडक्शन और को-इनोवेशन के अवसर बढ़ेंगे।
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पर्यटन और युवा सहयोग
प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जल्द ही रूसी नागरिकों के लिए 30-दिन का निःशुल्क ई-टूरिस्ट वीज़ा और ग्रुप टूरिस्ट वीज़ा शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, भारत और रूस Polar Waters में Seafarers की ट्रेनिंग में सहयोग करेंगे, जो युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करेगा।
भारत की शांति की प्रतिबद्धता
पीएम मोदी ने कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष के संबंध में तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति का पक्षधर है। उन्होंने पुतिन को संदेश दिया कि भारत इस संघर्ष के समाधान के लिए लगातार प्रयास करेगा और शांति स्थापित करने में सहयोग करेगा।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत और रूस का रिश्ता आपसी सम्मान और गहरे भरोसे पर आधारित है। यह मित्रता वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की शक्ति प्रदान करती है और दोनों देशों के साझा भविष्य को और समृद्ध बनाएगी।