प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना की सातवीं वर्षगांठ के अवसर पर इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में एक क्रांतिकारी पहल बताया है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने देश के गरीब और वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख रुपये तक वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर देकर वित्तीय सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि 23 सितंबर 2018 को शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना अब तक 55 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ पहुंचा चुकी है और यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना बन गई है। मोदी ने कहा कि इस योजना के जरिए भारत ने दिखा दिया है कि पैमाना, करुणा और तकनीक के माध्यम से कैसे मानव सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा सकता है।
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आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य है उच्च गुणवत्ता और किफायती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना, जिससे हर गरीब परिवार और वरिष्ठ नागरिक बेहतर इलाज पा सकें। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है ताकि सभी लाभार्थियों को समय पर और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस योजना के कारण भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में सुधार हुआ है और इससे करोड़ों नागरिकों को वित्तीय संकट से बचने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि यह योजना देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आई है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सेवा और वित्तीय सुरक्षा ने देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे भारत एक स्वस्थ और मजबूत राष्ट्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।