पितृ पक्ष 2025 में अपनाएं ये आसान वास्तु उपाय – पूजा स्थल पूर्व या उत्तर दिशा में बनाएं, घर साफ रखें, दान करें और अवांछित वस्तुएं हटाएं। पाएं सुख, शांति और हर काम में तरक्की।
पितृ पक्ष 2025: पितृ पक्ष हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र समय माना जाता है, जब हम अपने पूर्वजों को सम्मान देते हैं और उनके आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस पावन अवसर पर कुछ सरल वास्तु उपाय करने से न केवल घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की और मानसिक शांति भी मिलती है। अगर आप इस पवित्र समय का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो यहां जानिए पितृ पक्ष में करने योग्य आसान वास्तु टिप्स।
1. पूजा स्थल पूर्व या उत्तर दिशा में बनाएं
घर के पूजा स्थल को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में रखें। ये दिशाएं सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत होती हैं। पितृ पक्ष के दौरान पूजा स्थल पर दीपक जलाना, पूर्वजों की तस्वीर पर फूल चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
2. घर की सफाई और अव्यवस्था दूर करें
घर के हर कोने, विशेषकर पूजा स्थल, पूर्व और उत्तर दिशा के कमरे, और मुख्य दरवाजे को पूरी तरह साफ रखें। वास्तु के अनुसार गंदगी और अव्यवस्था नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है, इसलिए सफाई जरूरी है।
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3. पानी का सही स्थान और उपयोग करें
घर में पानी का स्रोत या फव्वारा पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। पितृ पक्ष के दौरान हल्का नमक मिलाकर पानी को पूजा स्थल या मुख्य दरवाजे पर रखना शुभ माना जाता है।
4. दान और पुण्य कार्य करें
पितृ पक्ष में जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े या पैसे का दान देना बेहद शुभ है। वास्तु के अनुसार दान से घर में सुख-शांति और तरक्की बढ़ती है।
5. अवांछित वस्तुएं घर से निकालें
पुरानी, टूटी-फूटी या बेकार चीजें घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती हैं। इन्हें दान करें या सही तरीके से बाहर निकालें, ताकि घर हल्का और व्यवस्थित रहे।
पितृ पक्ष में वास्तु उपाय क्यों जरूरी हैं?
पितृ पक्ष केवल पूर्वजों को याद करने का समय नहीं, बल्कि घर और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का भी मौका है। ये सरल वास्तु उपाय अपनाकर आप अपने परिवार में सुख, शांति और तरक्की सुनिश्चित कर सकते हैं। छोटे-छोटे बदलाव बड़े असर लाते हैं, इसलिए इन्हें जरूर अपनाएं।