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Meta ने 2025 में अपने नए पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स लॉन्च किए हैं, जो पेरेंट्स को उनके बच्चों के अकाउंट्स और AI चैट्स पर पूरी निगरानी रखने की सुविधा देंगे।
सोशल मीडिया कंपनी Meta ने युवाओं की ऑनलाइन सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए अपने प्लेटफॉर्म्स – Instagram और अन्य ऐप्स – पर नए पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स लॉन्च किए हैं। इन फीचर्स के जरिए अब माता-पिता अपने बच्चों के अकाउंट्स और AI चैट इंटरैक्शन पर अधिक निगरानी रख सकेंगे।
AI चैट पर कंट्रोल का मिलेगा ऑप्शन
Meta ने पुष्टि की है कि 2025 की शुरुआत में पेरेंट्स को यह सुविधा मिलेगी कि वे अपने बच्चों को AI चैटबॉट्स से वन-ऑन-वन बातचीत करने से रोक सकें। हालांकि Meta AI Assistant को पूरी तरह से डिसेबल नहीं किया जा सकेगा क्योंकि वह एजुकेशनल और उपयोगी जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें उम्र के अनुसार कंटेंट फिल्टर पहले से एक्टिव होंगे।
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Instagram पर सख्त कंटेंट लिमिट
Instagram यूज़र्स के लिए भी Meta ने PG-13 कंटेंट फिल्टर को डिफॉल्ट रूप से लागू कर दिया है। इसका मतलब है कि किशोर यूज़र अब केवल उन्हीं फोटो और वीडियो को देख पाएंगे जिनमें न नग्नता होगी, न खतरनाक स्टंट, और न ही मादक पदार्थों का इस्तेमाल। इसके साथ, बच्चे बिना पेरेंट्स की अनुमति के इन सेटिंग्स को बदल नहीं सकेंगे।
AI Chatbots पर टारगेटेड कंट्रोल
अगर माता-पिता सभी चैट्स को ब्लॉक नहीं करना चाहते, तो वे किसी खास चैटबॉट को ब्लॉक करने का विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा, अब पेरेंट्स को यह भी दिखेगा कि बच्चे AI कैरेक्टर्स के साथ किस तरह के टॉपिक्स पर बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, पूरी चैट हिस्ट्री तक एक्सेस नहीं दिया जाएगा – जिससे प्राइवेसी भी बनी रहे।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर बढ़ता फोकस
एक रिपोर्ट के मुताबिक, 70% किशोर नियमित रूप से AI चैटबॉट्स का उपयोग करते हैं, जिससे यह ज़रूरी हो गया था कि इस स्पेस में अधिक रेगुलेशन आए। Meta का नया कदम इस दिशा में एक अहम बदलाव माना जा रहा है।
सुरक्षा बनाम निजता: एक्सपर्ट्स की राय
हालांकि कई ऑनलाइन सेफ्टी एक्सपर्ट्स का मानना है कि Meta का यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन AI चैट्स के मनोवैज्ञानिक प्रभाव और डेटा गोपनीयता को लेकर अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। संगठनों ने यह भी कहा कि AI चैट्स को लेकर अधिक पारदर्शिता और स्पष्ट गाइडलाइंस की ज़रूरत है।