पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने प्रतिबंधित प्लास्टिक की आपूर्ति और भण्डारण पर 15 दिवस का अल्टीमेटम दिया

पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने प्रतिबंधित प्लास्टिक की आपूर्ति और भण्डारण पर 15 दिवस का अल्टीमेटम दिया

मंत्री श्री मदन दिलावर: प्लास्टिक उपयोग न करने की सख्त हिदायत देते हुए कहा कि सभी सरकारी विभागों में प्लास्टिक का उपयोग न करने के नवीनतम दिशा-निर्देश जारी करें और जो कोई सरकारी कार्मिक इन दिशा-निर्देशों की अवहेलना करे

पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने प्रतिबंधित प्लास्टिक जैसे प्लास्टिक के चम्मच, कांटे, स्ट्रॉ, गिलास, चाकू, ट्रे, प्लेट, प्लास्टिक कैरी बैग, मिठाई और ज्यूस पैकेजिंग आइटम, फिल्म, निमंत्रण पत्र आदि के प्लास्टिक सप्लायर और स्टाॅकिस्ट को 15 दिवस के भीतर अपने स्टाॅक हटाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि 15 दिवस के बाद उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री श्री मदन दिलावर ने पंचायती राज विभाग के राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी के साथ सोमवार को शासन सचिवालय में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर विभिन्न विभागों, प्लास्टिक उत्पादनकर्ता, स्टाॅकिस्ट आदि की बैठक में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्लास्टिक का उपयोग करने से प्रतिवर्ष साढ़े सात लाख लोग मर रहे हैं। उन्होंने प्लास्टिक उपयोग न करने की सख्त हिदायत देते हुए कहा कि सभी सरकारी विभागों में प्लास्टिक का उपयोग न करने के नवीनतम दिशा-निर्देश जारी करें और जो कोई सरकारी कार्मिक इन दिशा-निर्देशों की अवहेलना करे, उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने निर्देश दिए कि राज्य को प्‍लास्टिक मुक्‍त बनाने की दिशा में कार्य योजना बनाकर कार्य करें, अधिकारी कार्यालयों से बाहर निकले और निरीक्षण कर प्लास्टिक उपयोग न करने के दिशा निर्देशों की पालना न करने वालों पर कार्रवाई करें।
उन्‍होंने निर्देश दिए कि पॉलीथीन का उत्‍पादन करने वालों को इसके दुष्‍परिणामों की जानकारी देकर उन्‍हें उत्‍पादन नहीं करने के लिए समझाएं, साथ ही आमजन को भी इसका उपयोग नहीं करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने प्लास्टिक के दुष्परिणामों की जानकारी आमजन को देने के लिए जन जागरूकता लाने के निर्देश दिए।
पंचायती राज शासन सचिव एवं आयुक्त डाॅ. जोगाराम ने कहा कि प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई की स्थापना की जा रही है, जहां कचरे से प्लास्टिक अलग किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में संपूर्ण स्वच्छता के लिए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय निकाय विभाग को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के नियम/उप नियम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग न करने और प्लास्टिक के स्थान पर उपलब्ध विभिन्न वैकल्पिक सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहित करने और उसका पूर्ण प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन निदेशक श्रीमती सलोनी खेमका, पंचायती राज, स्वायत शासन व पर्यावरण विभाग, राज्य प्रदूषण बोर्ड के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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