श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है कि जो मेहनत करता है, उसे पूरा मेहनताना मिले, यह दिल्ली सरकार का निर्णय है।
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने राजधानी में 40 लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। दिल्ली सरकार के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने इस निर्णय को लेकर कहा कि वे मजदूरों के हक की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। उनका कहना था कि हमने पिछली सरकार की कमियों को पूरा किया है।
दिल्ली सरकार के निर्णय पर मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “दिल्ली सरकार की हमारी प्राथमिकता है कि जो मेहनत करता है, उसे पूरा मेहनताना मिले।” लाखों कर्मचारियों की जिंदगी इससे बेहतर होगी, जो लंबे समय से मजदूर यूनियनों की मांगों पर लिया गया है।”
मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “पिछली सरकारें मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने का फैसला नहीं ले पाईं, लेकिन हमारी सरकार ने इस पर तुरंत कदम उठाया”। ये बढ़ोतरी मजदूरों की मेहनत को सम्मान देगी और उनकी सामाजिक स्थिति को मजबूत करेगी। सरकार ने सभी नियोजकों को इन नई दरों को लागू करने के लिए कहा है। मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि हर संस्थान को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी देनी होगी और उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब इतनी मिलेगी मजदूरी
नई मजदूरी दरों के अनुसार, अकुशल कर्मचारियों का मासिक वेतन 18,066 से 18,456 हो गया है। अब 20,371 सेमी-स्किल्ड कर्मचारी होंगे, जबकि 22,411 स्किल्ड कर्मचारी होंगे। साथ ही, गैर-मैट्रिक श्रमिकों का वेतन 20,371 कर दिया गया है। मैट्रिक पास लेकिन स्नातक नहीं कामगारों को मासिक 22,411 रुपये मिलेंगे, जबकि स्नातक व उससे ऊपर की योग्यता वालों को मासिक 24,356 रुपये मिलेंगे।
1 अप्रैल से नई दरें लागू होंगी
1 अप्रैल 2025 से नई दरें लागू होंगी। सरकारी निर्णय से निर्माण, फैक्ट्री, सफाई, अस्पताल, दुकान और दूसरे असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को सीधा लाभ होगा।
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