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कपास की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार गंभीर, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोयंबटूर में 11 जुलाई को विशेष बैठक की घोषणा की
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी 11 जुलाई 2025 को कोयंबटूर में कपास की उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर एक राष्ट्रीय स्तर की विशेष बैठक आयोजित करने की घोषणा की है। इस बैठक के जरिए सरकार का उद्देश्य है कि देश में घटती BT कपास उत्पादकता, वायरस अटैक और किसानों की बढ़ती लागत जैसी चुनौतियों का समाधान खोजा जा सके।
वीडियो संदेश में किसानों से मांगे सुझाव
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो संदेश के माध्यम से किसानों से सीधे जुड़ते हुए अपील की है कि वे कपास उत्पादन में सुधार के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा करें। सुझाव भेजने के लिए उन्होंने टोल-फ्री नंबर 18001801551 जारी किया है। उन्होंने कहा कि, “हम सभी किसानों के सुझावों को गंभीरता से लेंगे और मिलकर कपास उत्पादन के लिए प्रभावी रोडमैप तैयार करेंगे।”
बी.टी. कॉटन पर TSV वायरस के कारण कपास की उत्पादकता घटी है हमारा संकल्प है उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना और किसानों को वायरस-रोधी, जलवायु अनुकूल बीज देना।11 जुलाई 2025 को प्रातः 10 बजे कोयंबटूर में बैठक होगी। किसानों से अनुरोध है कि अपने सुझाव 18001801551 पर भेजें। @ChouhanShivraj pic.twitter.com/BHSWFFNMIZ
— PIB Agriculture (@PIBAgriculture) July 9, 2025
बैठक में कौन-कौन होंगे शामिल?
11 जुलाई को सुबह 10 बजे कोयंबटूर में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होंगे:
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कपास उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री
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ICAR के महानिदेशक सहित वरिष्ठ वैज्ञानिक
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विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि
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कपास उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ
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किसान संगठनों और कपास उत्पादक किसानों के प्रतिनिधि
कपास की घटती उत्पादकता पर जताई चिंता
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में कपास की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता अब भी बहुत कम है। बीटी कॉटन में TSV वायरस के बढ़ते असर के कारण उत्पादकता और भी घट रही है, जिससे किसान आर्थिक संकट में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि:
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कपास की उत्पादकता को तेजी से बढ़ाया जाए
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लागत को कम किया जाए
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जलवायु-अनुकूल बीज और रोग प्रतिरोधक किस्में विकसित की जाएं