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रण संवाद 2025 सेमिनार में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेताया और कहा कि आने वाले युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक और रणनीति से लड़े जाएंगे। जानिए क्या बोले भगवान कृष्ण के संदर्भ में।
Operation Sindoor और रण संवाद 2025 सेमिनार के दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान और भविष्य के युद्धों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत कभी युद्ध को आमंत्रण नहीं देता, लेकिन यदि कोई चुनौती देता है तो जवाब भी उतनी ही मजबूती और तकनीकी ताकत से दिया जाएगा।
रण संवाद 2025: आधुनिक युद्धों पर भारत का नजरिया
मध्यप्रदेश के महू (इंदौर) स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय Tri-Services Seminar “रण संवाद 2025” में राजनाथ सिंह ने कहा: “आने वाले युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं होंगे, वे तकनीक, बुद्धिमत्ता, अर्थव्यवस्था और कूटनीति का सम्मिलन होंगे। जो देश इस त्रिकोण में महारत हासिल करेगा, वही भविष्य में वैश्विक शक्ति बनेगा।”
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साइबर और स्पेस वॉर के लिए तैयार हो रही है भारतीय सेना
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेनाओं को साइबर और इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर के लिए खुद को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा: “अब युद्ध केवल जमीन, समुद्र या आसमान तक सीमित नहीं है, यह स्पेस और साइबर स्पेस तक पहुंच चुका है। हमें सिर्फ डिफेंसिव नहीं, बल्कि प्रोएक्टिव रणनीति अपनानी होगी।” उन्होंने बताया कि सेनाओं को उपग्रह, एंटी-सैटेलाइट वेपन्स, और स्पेस कमांड सिस्टम जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ानी होगी।
भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देकर पाकिस्तान को दिया संकेत
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में महाभारत के रण और संवाद का जिक्र करते हुए कहा: “हमारी संस्कृति में संवाद और युद्ध साथ चलते हैं। भगवान श्रीकृष्ण युद्ध रोकने के लिए शांति दूत बनकर गए थे। उन्होंने पहले संवाद का रास्ता अपनाया, लेकिन जब युद्ध हुआ तो धर्म की रक्षा के लिए उसे स्वीकार भी किया।”
भारत की रक्षा नीति: शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त
रक्षा मंत्री ने दोहराया कि भारत हमेशा शांति की पक्षधर रहा है, लेकिन अगर कोई सीमा पार करता है तो उसका जवाब पूरी ताकत, रणनीति और तकनीक से दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह समय इतिहास से सबक लेने और नया इतिहास रचने का है।