प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 4594 करोड़ के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट, 5801 करोड़ की लखनऊ मेट्रो फेस 1B और 8146 करोड़ के ताटो-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। देश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जो देश के विकास और आर्थिक प्रगति के लिए अहम कदम साबित होंगी। इन फैसलों के तहत उड़ीसा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में चार नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे, जिनमें कुल 4594 करोड़ रुपये का निवेश होगा। साथ ही, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना के फेस 1B को भी मंजूरी मिली है, जिसके लिए 5801 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, ताटो-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (700 मेगावाट) को 8146 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति मिली है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेमीकंडक्टर उद्योग में देश की ताकत बढ़ाने के लिए पहले से स्वीकृत छह परियोजनाओं में चार नई परियोजनाओं को जोड़ा गया है। ये परियोजनाएं उड़ीसा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में स्थापित की जाएंगी, जिससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
लखनऊ मेट्रो परियोजना के फेस 1B को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है, क्योंकि यह शहर के यातायात और आवागमन की समस्या को कम करने में मदद करेगा। इसके लिए 5801 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जो शहर के विकास में एक बड़ी पहल है।
हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट ताटो-II के तहत 700 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा, जो भारत की स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के लक्ष्य को साकार करने में सहायक होगा। इस परियोजना में 8146 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जो ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
यह तीनों परियोजनाएं भारत को तकनीकी और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी और देश की आर्थिक विकास यात्रा को और गति देंगी। केंद्रीय कैबिनेट के इन फैसलों से न केवल स्थानीय स्तर पर विकास होगा बल्कि भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति भी मजबूत होगी।