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लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो खून साफ करने, पाचन, ऊर्जा बनाने और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य करता है। हालांकि, खराब खानपान, अत्यधिक शराब सेवन, वायरल संक्रमण और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण लिवर में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यदि इन समस्याओं को समय पर पहचाना न जाए तो यह गंभीर बीमारी जैसे लिवर कैंसर का रूप ले सकती है।
लिवर कैंसर मुख्य रूप से क्रॉनिक हेपेटाइटिस B और C वायरस, अधिक शराब पीने और खराब खानपान के कारण होता है। ये सभी फैक्टर लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं और उसे कमजोर बना सकते हैं।
लिवर कैंसर के कारण
1. क्रॉनिक हेपेटाइटिस B और C (HBV, HCV): हेपेटाइटिस B और C वायरस लिवर कैंसर का एक प्रमुख कारण हैं। जब यह वायरस लिवर में फैल जाते हैं, तो इससे लिवर में सूजन, सिरोसिस और अंततः कैंसर का विकास हो सकता है। इन वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण करवाना बेहद जरूरी है।
2. अधिक शराब पीना: अत्यधिक शराब का सेवन लिवर के लिए हानिकारक होता है और इससे लिवर की कई बीमारियां जैसे फैटी लिवर, सिरोसिस और लिवर कैंसर हो सकती हैं। अगर किसी व्यक्ति का शराब सेवन नियमित या अत्यधिक है, तो उसे लिवर कैंसर का खतरा अधिक होता है।
3. खराब खानपान: तला-भुना या जंक फूड अधिक खाने से लिवर में फैट जमा होने लगता है, जिससे फैटी लिवर और बाद में लिवर कैंसर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस प्रकार का खानपान लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है।
4. सिरोसिस: सिरोसिस लिवर की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें लिवर के स्वस्थ टिश्यू की जगह स्कार टिश्यू बन जाता है, जिससे लिवर ठीक से कार्य नहीं कर पाता। सिरोसिस लिवर कैंसर का प्रमुख कारण बन सकता है।
लिवर कैंसर के शुरुआती लक्षण
लिवर में कोई समस्या होने पर शरीर कई छोटे-छोटे संकेत देता है, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। यदि इन लक्षणों को समय पर पहचाना न जाए तो यह गंभीर बीमारी का रूप ले सकते हैं। लिवर कैंसर के कुछ प्रमुख शुरुआती लक्षण हैं:
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थकान और कमजोरी: लिवर में संक्रमण या समस्या होने से शरीर थकान और कमजोरी महसूस कर सकता है।
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पाचन संबंधी समस्याएं: खाना ठीक से पचने में कठिनाई होना, पेट में भारीपन महसूस होना।
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पेट में दर्द या सूजन: पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द और सूजन, जो समय के साथ बढ़ सकती है।
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जी मिचलाना और उल्टी: लिवर के कार्य में कमी के कारण उल्टी और जी मिचलाने की समस्या हो सकती है।
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चेहरे और शरीर पर सूजन: लिवर की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर में पानी का संचार बढ़ सकता है, जिससे सूजन हो सकती है।
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लिवर कैंसर से बचाव के उपाय
1. हेपेटाइटिस B और C का टीकाकरण: हेपेटाइटिस B वायरस लिवर कैंसर का मुख्य कारण है। इस वायरस से बचाव के लिए तीन डोज़ में टीका लिया जा सकता है, जो 95% सुरक्षा प्रदान करता है।
2. शराब का सेवन कम करें या छोड़ें: लंबे समय तक शराब पीने से लिवर में सिरोसिस और कैंसर का खतरा बढ़ता है। शराब का सेवन कम करने या पूरी तरह से छोड़ने से लिवर को सुरक्षा मिलती है।
3. संतुलित आहार और वर्कआउट: फैटी लिवर और कैंसर से बचने के लिए तला-भुना, चीनी और अधिक फैट वाला खाना कम करें। संतुलित आहार लें और रोजाना 30 मिनट तक वॉक करें।
4. असुरक्षित सुई और दूषित खून से बचें: हेपेटाइटिस B और C का संक्रमण असुरक्षित सुई या दूषित खून से फैलता है, जो बाद में लिवर कैंसर का कारण बन सकता है।
5. नियमित लिवर जांच: यदि आपको पहले से हेपेटाइटिस, फैटी लिवर या सिरोसिस जैसी समस्याएं हैं, तो हर 6 से 12 महीने में लिवर की जांच कराना चाहिए।