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कोटा दशहरा मेला 2025 में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और ओम बिरला की उपस्थिति में आयोजित भव्य मेले ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक धरोहर और शौर्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
राजस्थान के कोटा में 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेला 2025 ने अपनी भव्यता और सांस्कृतिक विरासत से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की गरिमामयी उपस्थिति ने मेले की शोभा को और बढ़ा दिया। मेला न केवल धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बना, बल्कि यह शौर्य और परंपराओं का अद्भुत संगम भी साबित हुआ।
भव्य दशहरा मेले का उद्घाटन
गुरुवार को आयोजित इस भव्य मेले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विजयादशमी के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि यह पर्व असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि श्रीराम ने रावण के अहंकार का अंत कर समाज को यह संदेश दिया कि सत्य की राह कठिन होती है, लेकिन उसका अंत हमेशा विजय में होता है।
मुख्यमंत्री ने कोटा के दशहरा मेले की विशेषताओं पर जोर दिया, जिसमें धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मनोरंजन और लोक परंपराएं एक अद्वितीय रूप में समाहित हैं। इस साल मेले का विशेष आकर्षण तिरंगा थीम था, जो भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का संदेश दे रहा था।
हस्तशिल्प और कारीगरों का योगदान
भजनलाल शर्मा ने मेले में हस्तशिल्प और शिल्पकारों की भागीदारी को मेले की आत्मा बताया। इस बार केंद्र सरकार द्वारा हस्तशिल्प उत्पादों पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है, जिसका सीधा लाभ कारीगरों और उपभोक्ताओं को हुआ है। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और ‘वोकल फॉर लोकल’ का मंत्र अपनाने का आह्वान किया, जिससे त्योहारों के दौरान लोगों की खुशियां दोगुनी हो गईं।
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ओम बिरला का संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी अपने संबोधन में दशहरे की महत्ता को बताया और कहा कि यह पर्व अहंकार और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम ने जनमानस को साथ लेकर रावण का वध किया, जो यह दर्शाता है कि समाज की एकजुटता सबसे बड़ी शक्ति होती है। ओम बिरला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के मंत्र को भी बल दिया और कहा कि इससे भारत आत्मनिर्भर बनेगा।
रावण दहन और रिकॉर्ड
इस ऐतिहासिक मेले का मुख्य आकर्षण 233 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन था, जिसे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने प्रमाणित किया। इस मौके पर पूर्व महाराव इज्येराज सिंह ने परंपरागत तरीके से रावण दहन किया, और इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी ने वातावरण को उल्लासमय बना दिया।
मेले में उपस्थित जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, महापौर राजीव अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।