दिल्ली के 2022 एक्साइज पॉलिसी केस में आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली की अदालत ने बरी कर दिया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे “सच की जीत” बताया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “सच की हमेशा जीत होती है। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिल्ली की माननीय अदालत ने शराब घोटाले के मामले में बरी किया है। इस फैसले ने सच को सामने ला दिया है। समय के साथ अन्य मामलों में भी सच स्पष्ट होगा।”
सच की हमेशा जीत होती है।
‘आप’ सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल जी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जी को दिल्ली की माननीय अदालत द्वारा शराब घोटाले मामले में बरी कर दिया गया है। माननीय अदालत के इस फैसले ने सच्चाई को सबके सामने ला दिया है। समय के साथ बाकी सभी मामलों की… https://t.co/d6Z1FQagHW
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) February 27, 2026
पंजाब AAP ने BJP पर साधा निशाना
पंजाब AAP अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी अदालत के फैसले की सराहना की और बीजेपी पर आरोप लगाया कि उसने केंद्रीय एजेंसियों का गलत उपयोग कर AAP को बदनाम करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य सभी आरोपितों को अदालत ने पूरी तरह बरी कर दिया। यह साबित करता है कि बीजेपी सरकार ने एजेंसियों का दुरुपयोग कर हमारी ईमानदार राजनीति को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की।”
also read: ₹300 करोड़ का डेयरी फीड प्लांट लॉन्च, पंजाब…
CBI चार्जशीट को अदालत ने खारिज किया
दिल्ली अदालत ने CBI की चार्जशीट में गंभीर खामियां पाई और इसे स्वीकार नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपों का कोई ठोस सबूत नहीं है।
लंबा जेल प्रवास
फैसले से पहले केजरीवाल और सिसोदिया दोनों ने करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते लंबा समय जेल में बिताया। केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया और 13 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। सिसोदिया ने लगभग 17 महीने जेल में बिताए। केजरीवाल दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बने जो पद रहते हुए गिरफ्तार हुए।
इस फैसले के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। AAP नेताओं और समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताया, जबकि विपक्षी दलों ने अदालत के आदेश का अध्ययन करने के बाद ही प्रतिक्रिया देने का निर्णय लिया है।