दिल्ली में छठ पूजा की तैयारियां तेज, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कपिल मिश्रा को समिति अध्यक्ष बनाया। 1,000 स्थानों पर होगी पूजा, सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
दिल्ली सरकार ने इस बार छठ पूजा के आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में छठ पूजा उत्सव की समुचित व्यवस्था के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता कला, संस्कृति और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा को सौंपी गई है, जो त्योहार के सफल आयोजन की निगरानी करेंगे।
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समिति की जिम्मेदारियां और सदस्य
कपिल मिश्रा की अध्यक्षता वाली इस समिति में लक्ष्मी नगर के विधायक अभय कुमार वर्मा, संगम विहार के विधायक चंदन कुमार चौधरी, मटियाला के विधायक संदीप सहरावत और बादली के विधायक दीपक चौधरी शामिल हैं। समिति छठ पूजा के लिए उपयुक्त घाटों का चयन करेगी और श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तृत मूल्यांकन कर सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री @Gupta_Rekha ने छठ पूजा के लिए 5 सदस्यी उच्चस्तरीय समिति का गठन किया। दिल्ली सरकार के संस्कृति मंत्री @KapilMishra_IND को इस समिति का अध्यक्ष नामित किया गया है। यह समिति सुनिश्चित करेगी कि छठ पूजा आयोजन समितियों को कोई दिक्कत न हो। Via @PrashantSoniNBT pic.twitter.com/0L9TOuf1gl
— NBT Dilli (@NBTDilli) October 13, 2025
छठ पूजा पर विशेष ध्यान: सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाएं
कपिल मिश्रा ने कहा कि छठ पूजा दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने इस त्योहार की आस्था को नजरअंदाज किया, लेकिन इस बार हमारी सरकार प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करेगी।” सरकार ने सभी घाटों पर साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश, चिकित्सा सुविधाओं और ट्रैफिक मैनेजमेंट की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दिल्लीवासियों से भी अनुरोध किया है कि वे त्योहार को अनुशासन और स्वच्छता के साथ मनाएं। **इस बार 1,000 स्थानों पर होगा छठ पूजा उत्सव** इस वर्ष दिल्ली में छठ पूजा का आयोजन लगभग 1,000 स्थानों पर किया जाएगा, जिनमें यमुना नदी के किनारे, मुनक नहर और कई कृत्रिम तालाब शामिल हैं। सिंचाई विभाग को यमुना से जलकुंभी हटाने का काम भी सौंपा गया है ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल मिल सके।