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India UK FTA Deal: भारत और ब्रिटेन के बीच तीन साल की बातचीत के बाद 25 जुलाई 2025 को ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर हुए। पीएम मोदी ने UK को पहलगाम आतंकी हमले की निंदा के लिए धन्यवाद दिया।
India UK FTA Deal: भारत और ब्रिटेन के बीच तीन साल की लंबी बातचीत के बाद आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति बन गई है। 25 जुलाई 2025 को लंदन में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा की। यह समझौता केवल आर्थिक साझेदारी नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच साझा समृद्धि और विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
पीएम मोदी ने जताई खुशी और महत्व
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह दिन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह FTA भारत के युवाओं, किसानों, मछुआरों, MSME सेक्टर और विभिन्न उद्योगों के लिए बड़े अवसर लेकर आएगा। इस डील से भारत के टेक्सटाइल, फुटवियर, जेम्स एंड ज्वैलरी, सी फूड्स, इंजीनियरिंग और प्रोसेस्ड फूड सेक्टर को यूके में बेहतर मार्केट एक्सेस मिलेगा।
उद्योगों और सेवाओं को मिलेगा लाभ
FTA के तहत यूके में भारतीय मेडिकल डिवाइस, एयरोस्पेस पार्ट्स सहित कई उत्पाद किफायती दरों पर उपलब्ध होंगे। साथ ही डबल कॉन्ट्रीब्यूशन कन्वेंशन के चलते सर्विस सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे व्यापार में आसानी और लागत में कमी आएगी। पीएम मोदी ने बताया कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
डिफेंस, शिक्षा और रणनीतिक साझेदारी में भी प्रगति
भारत-यूके विजन 2035 के तहत दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी, डिफेंस, जलवायु और शिक्षा क्षेत्रों में साझेदारी को नई गति मिलेगी। रक्षा और सुरक्षा में सहयोग को मजबूत करने के लिए डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप तैयार किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में यूके के छह विश्वविद्यालय भारत में कैंपस खोल रहे हैं, जिनमें हाल ही में साउथ हैम्पटन यूनिवर्सिटी ने गुरुग्राम में कैंपस शुरू किया है।
पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले पर UK को धन्यवाद दिया
पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा के लिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और उनकी सरकार का आभार जताया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि दोहरे मापदंडों की राजनीति स्वीकार्य नहीं है।
वैश्विक मामलों पर विचार-विमर्श
दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक में शांति, यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार साझा किए। पीएम मोदी ने सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर जोर दिया।
भारत-यूके संबंधों में भारतीय मूल की भूमिका
यूके में बसे भारतीय समुदाय को पीएम मोदी ने ‘लिविंग ब्रिज’ बताया, जिन्होंने दोनों देशों के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूती दी है। उन्होंने क्रिकेट को दोनों देशों के बीच खास कनेक्शन के रूप में भी याद किया और UK के पीएम को भारत आने का निमंत्रण दिया।