होलिका दहन 2026: शुभ मुहूर्त, तिथि और पूजा विधि – जानें होलिका दहन का महत्व और समय

होलिका दहन 2026: शुभ मुहूर्त, तिथि और पूजा विधि – जानें होलिका दहन का महत्व और समय

जानें होलिका दहन 2026 की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, भद्रा काल और पूजा विधि। आसान भाषा में पढ़ें होलिका दहन का महत्व और तैयारी के टिप्स।

होलिका दहन 2026 रंगों के पर्व होली से ठीक एक दिन पहले मनाया जाएगा, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का योग होने के कारण लोगों में होलिका दहन के सही समय को लेकर भ्रम है।

होलिका दहन 2026 – तिथि और समय 

  • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2026, शाम 05:55 बजे से

  • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 3 मार्च 2026, शाम 05:07 बजे तक

  • भद्रा काल: 2 मार्च शाम 05:56 बजे से 3 मार्च सुबह 05:28 बजे तक

शुभ मुहूर्त

  • 2 मार्च 2026: शाम 06:24 से शाम 06:36 तक (मुख्य मुहूर्त)

  • 3 मार्च 2026: शाम 06:22 से रात 08:50 तक (स्थानीय पंचांग अनुसार)

  • भद्रा काल में दहन वर्जित है: 3 मार्च सुबह 02:35 से 04:30

पूजा विधि

  1. शुद्धिकरण: स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और दहन स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।

  2. सामग्री: रोली, अक्षत, गुलाल, फूल-माला, हल्दी, गेहूं, जौ, चना और गोबर के उपले।

  3. पूजा: होलिका के चारों ओर 3 या 7 बार कच्चा सूत बांधते हुए परिक्रमा करें।

  4. अर्पण: अक्षत, पुष्प और गुलाल अर्पित करें और नई फसल को अग्नि में सेके।

पौराणिक महत्व

होलिका दहन की कथा प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप से जुड़ी है। हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका को आग में बैठाया, लेकिन भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका जलकर भस्म हो गई। यह पर्व सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक है।

होलिका दहन 2026 – ध्यान रखने योग्य बातें

  • भद्रा काल में दहन वर्जित है।

  • चंद्र ग्रहण के समय पूजा सिर्फ शुभ मुहूर्त में करें।

  • स्थानीय पंचांग के अनुसार अपने क्षेत्र में तिथि और समय की पुष्टि करें।

यह लेख होलिका दहन 2026 की सटीक जानकारी, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि को आसान भाषा में समझाने के लिए तैयार किया गया है।

Related posts

विजया एकादशी 2026: इस व्रत से हर कदम पर मिलेगी विजय — जानें पूजा विधि और कथा

आमलकी एकादशी 2026: आमलकी एकादशी कब है और इसका महत्व, पारण समय

मासिक दुर्गाष्टमी 2026: मासिक दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा को प्रसन्न करने के उपाय और पूजा नियम

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More