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HBD Financial Services का IPO 25 जून से ओपन हो रहा है। ₹700-₹740 प्राइस बैंड के कारण 49,000 से ज्यादा शुरुआती निवेशकों को 48% तक का नुकसान हो सकता है। जानें पूरा मामला और क्या है RBI की लिस्टिंग गाइडलाइन।
HBD Financial Services का 12,500 करोड़ रुपये का मेगा आईपीओ 25 जून 2025 से सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन होने जा रहा है। हालांकि इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ के साथ 49,000 से ज्यादा शुरुआती निवेशकों को 38% से 48% तक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
शुरुआती निवेशकों को क्यों होगा नुकसान?
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Red Herring Prospectus (RHP) के अनुसार, 19 जून तक HBD के 49,553 व्यक्तिगत शेयरधारकों ने ₹1,200 से ₹1,350 प्रति शेयर की कीमत पर पहले ही हिस्सेदारी खरीद रखी थी।
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अब जबकि IPO का प्राइस बैंड ₹700–₹740 तय किया गया है, इन निवेशकों के निवेश पर संभावित गहरा घाटा हो सकता है।
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उदाहरण के तौर पर, किसी निवेशक ने अगर ₹1,250 की दर से 1 करोड़ शेयर खरीदे थे (कुल ₹1,250 करोड़), तो आईपीओ लिस्टिंग के बाद उनके शेयर की वैल्यू गिरकर ₹740 करोड़ रह जाएगी — यानी ₹510 करोड़ का संभावित नुकसान।
HBD IPO Structure: 2,500 करोड़ का फ्रेश इश्यू + 10,000 करोड़ का OFS
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इस IPO में ₹2,500 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹10,000 करोड़ का Offer for Sale (OFS) शामिल है।
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OFS के तहत HDFC Bank Limited अपनी हिस्सेदारी के 13.51 करोड़ शेयर बेच रहा है।
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HDFC बैंक ने ये शेयर पहले ₹46.40 प्रति शेयर पर खरीदे थे। अगर IPO ₹740 की ऊपरी कीमत पर लिस्ट होता है, तो बैंक को करीब ₹9,373 करोड़ का प्री-टैक्स मुनाफा होगा।
RBI की गाइडलाइन के चलते लाया जा रहा है IPO
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अक्टूबर 2022 में RBI के निर्देश के अनुसार, अपर लेयर NBFCs को सितंबर 2025 तक स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होना अनिवार्य है।
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इसी गाइडलाइन के तहत HBD Financial Services को बाजार में लाया जा रहा है।
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IPO के लिए बोली लगाने की अंतिम तिथि 27 जून 2025 है।
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