हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में स्वच्छता अभियान की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मुख्य रूप से गुरुग्राम और फरीदाबाद जिलों के लिए ठोस कचरा प्रबंधन की विस्तृत योजना बनाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों जिलों में तीन वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित किए जाएं, जिनसे कूड़े-कचरे का निस्तारण कर ऊर्जा उत्पन्न की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि इन संयंत्रों के माध्यम से कचरे को बिजली में बदला जाएगा, जिससे परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी। यह परियोजना न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से हरियाणा का स्वच्छता अभियान और अधिक प्रभावी होगा और राज्य को स्वच्छता के मामले में अग्रणी बनाने में मदद मिलेगी।
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उन्होंने अधिकारियों को कार्य की समय-सीमा तय कर मॉनिटरिंग करने और जनजागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रयास करने के निर्देश दिए ताकि जनता भी कचरे के पृथक्करण और प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा सके। साथ ही, उन्होंने कहा कि सफाई को केवल सरकारी जिम्मेदारी न समझा जाए, बल्कि हर नागरिक को स्वच्छता अभियान में सहयोग देना होगा।
हरियाणा शहर स्वच्छता अभियान – 2025 के तहत शहरों को साफ-सुथरा और सुंदर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत सरकारी और निजी कार्यालय, पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थानों पर स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के साथ-साथ खुले स्थानों और खाली भूखंडों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने त्योहारों जैसे नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के दौरान विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।