हरियाणा सरकार ने आधिकारिक पत्राचार में ‘हरिजन’ और ‘गिरिजन’ शब्द के उपयोग पर रोक लगाई। सभी विभागों को सख्ती से निर्देश, दलित शब्द का करें इस्तेमाल।
हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आधिकारिक पत्राचार और संचार में ‘हरिजन’ और ‘गिरिजन’ शब्द का उपयोग न करें। यह निर्णय संविधान और केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप लिया गया है।
महात्मा गांधी ने पहले अनुसूचित जातियों को ‘हरिजन’ कहा था, जिसका अर्थ होता है ‘ईश्वर के लोग’। हालांकि, डॉ. बी.आर. आंबेडकर इस शब्द के प्रयोग के खिलाफ थे और वे अनुसूचित जातियों के लिए ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल करना पसंद करते थे।
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हरियाणा के मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाग प्रमुखों, बोर्ड, निगम, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, संभागीय आयुक्तों, उपायुक्तों, उपमंडल अधिकारियों और विश्वविद्यालय रजिस्ट्रारों को पत्र जारी कर यह आदेश दिया। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि भारत के संविधान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को दर्शाने के लिए ‘हरिजन’ और ‘गिरिजन’ जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया है।
सरकारी समीक्षा में यह बात सामने आई कि कुछ विभाग इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे। इसलिए सभी विभागों और अधिकारियों को सख्ती से कहा गया है कि वे केंद्र सरकार और राज्य सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और अपने सभी आधिकारिक अभिलेखों, पत्राचार और संचार में इन शब्दों का उपयोग पूरी तरह बंद करें।
यह कदम सामाजिक समानता को बढ़ावा देने और संवैधानिक दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।