हरियाणा सरकार ने 10 सरकारी सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम 2014 के तहत अधिसूचित किया है। अब निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं मिलेंगी और देरी पर अधिकारी होंगे जवाबदेह।
हरियाणा सरकार ने दो विभागों की 10 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम 2014 के तहत अधिसूचित किया है। इसके तहत अब लोगों को इन सेवाओं का लाभ निश्चित समय-सीमा में मिलेगा और यदि सेवाओं में देरी होती है तो संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की शिक्षा ऋण योजना, सूक्ष्म वित्त योजना (135 दिन), सावधि ऋण योजना (180 दिन), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम की शिक्षा ऋण योजना, महिला अधिकारिता योजना, महिला समृद्धि योजना, सूक्ष्म ऋण योजना और हरित व्यवसाय योजना को भी इस अधिनियम के अंतर्गत लाया गया है।
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मत्स्य पालन विभाग के सघन मत्स्य पालन विकास कार्यक्रम के तहत तालाब सुधार के लिए सब्सिडी योजना को 40 दिन की समय-सीमा में पूरा किया जाना अनिवार्य होगा। सरकार ने पदनामित अधिकारी, अपील अधिकारी और शिकायत निवारण प्राधिकारी भी नियुक्त कर दिए हैं, जो सेवाओं में देरी होने पर जवाबदेह होंगे।
इस फैसले से हरियाणा के नागरिकों को सरकारी सेवाओं का समयबद्ध लाभ मिलेगा और सरकारी कार्य प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।