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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी कामकाज में अनियमितता और लापरवाही के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर PWD विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया है कि सरकार किसी भी स्थिति में भ्रष्टाचार और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी।
निलंबित अधिकारियों के नाम और कारण
निलंबित अधिकारियों में एक्सईएन निशांत कुमार, एसडीई पुनीत मित्तल और जेई नसीम अहमद शामिल हैं। इन अधिकारियों पर आरोप था कि डिप्लोमा कॉलेज के निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान गुणवत्ता में कमी, प्रक्रियागत चूक और निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया गया। मुख्यमंत्री ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देना है। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम सीएम सैनी की जीरो टॉलरेंस नीति को और मजबूती प्रदान करता है, जिससे सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सकेगा।
गृह विभाग के डैशबोर्ड का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने बुधवार को गृह विभाग के डैशबोर्ड का उद्घाटन भी किया, जो कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था और पब्लिक सेफ्टी के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार है। इस नए सिस्टम के जरिए पुलिस, फायर, एम्बुलेंस, जेल और अन्य जरूरी विभागों से रियल-टाइम जानकारी एक ही इंटरफेस पर प्राप्त की जा सकेगी। इससे प्रशासन को फैसले लेने में तेजी आएगी और पब्लिक सेफ्टी को बेहतर किया जा सकेगा।