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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों के लिए भावांतर भरपाई योजना के तहत 380 करोड़ रुपये जारी किए। किसानों के लाभ के लिए सरकार की कई योजनाओं और सब्सिडी के बारे में जानकारी दी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत 380 करोड़ रुपये की राशि बाजरा उत्पादक किसानों के लिए जारी की है। मुख्यमंत्री ने यह बात किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए किसान हित सर्वोपरि हैं और राज्य में खुशहाली के लिए किसानों की समृद्धि आवश्यक है।
किसानों के लिए सरकारी योजनाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि किसानों को बिजाई से लेकर कटाई तक के कृषि यंत्रों पर सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान होने पर मुआवजा और फसल बीमा की व्यवस्था की जाती है। कटाई के बाद, किसानों को सीधे उनके खाते में भुगतान किया जाता है, और सरकार ने फसल खरीद की एक सरल प्रक्रिया सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों से सूक्ष्म सिंचाई विधियों को अपनाने की अपील की, जिससे पानी की बचत के साथ-साथ फसल की लागत भी घटेगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 12 लाख किसानों के खातों में 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये सीधे डाले जा चुके हैं।
कृषि और किसान कल्याण के लिए सरकार की पहल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल के माध्यम से किसानों को अपनी फसल बेचने, खाद, बीज, ऋण और कृषि उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। इसके अलावा, 53 हजार से अधिक किसानों को 116 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान के लिए दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही आबियाने को समाप्त कर दिया है और 133 करोड़ रुपये के बकाए को माफ किया है। उन्होंने गन्ने की कीमत 415 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ाने का भी उल्लेख किया, जो देश में सर्वाधिक है।
प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने प्राकृतिक खेती योजना के तहत 31,873 एकड़ क्षेत्र में 19,723 किसानों का सत्यापन किया है और 75 लाख रुपये का अनुदान राशि सीधे किसानों के खाते में डाला है। इसके अलावा, 2500 किसानों को 4 ड्रम प्रति किसान अनुदान के रूप में वितरित किए गए हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और फसल बीमा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 20 लाख 18 हजार किसानों के खातों में 7233 करोड़ रुपये डाले गए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी किसानों को 9127 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम दिया जा चुका है।
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कृषि के लिए बैंकों से अनुदान और ब्याज माफी
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को बायोगैस प्लांट्स पर 9800 रुपये से लेकर 22,750 रुपये तक की अनुदान राशि दी जाती है। वहीं, अनुसूचित जाति के किसानों को बैटरी चालित स्प्रे पम्प पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। बैंकों से किसानों के लेन-देन पर लगने वाली स्टाम्प फीस को घटाकर 100 रुपये कर दिया गया है।
जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई योजना
मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म सिंचाई विधियों के लिए 85 प्रतिशत तक की सब्सिडी देने की घोषणा की, जिससे पानी की बचत और बेहतर फसल उत्पादन को सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा, ‘भूमिगत पाइपलाइन स्कीम’ और ‘फव्वारा संयंत्र प्रणाली’ के तहत भी किसानों को सब्सिडी दी जा रही है।
कृषि जलमार्गों का सुधार
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 1144 जलमार्गों में से 357 जलमार्गों का पुनर्वास किया जा चुका है। जलमार्गों के पुनर्वास कार्य के लिए इस वर्ष 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, 20 साल से अधिक पुराने रजवाहों को भी फिर से पक्का किया जाएगा।
किसान हितैषी योजनाओं का प्रचार
अंत में, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से अपील की कि वे सरकार की किसान कल्याण योजनाओं को प्रत्येक किसान तक पहुंचाएं ताकि किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।