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GST में कटौती के बाद भी अगर दुकानदार या ऑनलाइन स्टोर आपसे ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं, तो जानिए कैसे करें शिकायत और सरकार से पाएं न्याय।
हाल ही में सरकार ने GST दरों में बड़ी कटौती की है ताकि आम जनता को राहत मिल सके। कई जरूरी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं व सेवाओं पर टैक्स स्लैब को घटाकर सिर्फ 5% और 18% कर दिया गया है। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि कई दुकानदार और ऑनलाइन स्टोर अभी भी पुरानी दरों पर ही वस्तुएं बेच रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को टैक्स कटौती का सीधा फायदा नहीं मिल रहा।
दुकानदार वसूल रहे हैं ज्यादा दाम? सरकार ने दिया शिकायत का तरीका
देशभर से आ रही उपभोक्ता शिकायतों को देखते हुए सरकार ने अब शिकायत दर्ज कराने के लिए कई प्लेटफॉर्म्स उपलब्ध कराए हैं, ताकि ओवरचार्जिंग पर सख्ती की जा सके।
शिकायत करने के लिए जानकारी:
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टोल-फ्री नंबर:
1915 -
व्हाट्सएप नंबर:
8800001915 -
ऑनलाइन पोर्टल: INGRAM – Integrated Grievance Redressal Mechanism
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नोडल एजेंसी: CBIC और National Consumer Helpline (NCH)
सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और अगर उन्हें लगता है कि उनसे GST कटौती के बावजूद ज्यादा पैसा लिया जा रहा है, तो वे तुरंत शिकायत करें।
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GST में हुआ बड़ा बदलाव: अब सिर्फ दो टैक्स स्लैब
GST 2.0 के तहत सरकार ने 4 स्लैब की जटिल प्रणाली को खत्म कर अब सिर्फ 2 टैक्स स्लैब — 5% और 18% को लागू किया है। इससे करीब 99% उपभोक्ता वस्तुओं के दाम घटाए गए हैं। कई कंपनियों ने भी स्वेच्छा से प्राइस ड्रॉप की घोषणा की है।
अगर दुकानदार नई दरों पर सामान नहीं बेच रहे तो क्या करें?
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रसीद की जांच करें – क्या GST अलग से जोड़ा गया है?
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पुरानी और नई GST दर की तुलना करें।
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अगर गड़बड़ी मिले तो उपरोक्त प्लेटफॉर्म्स पर शिकायत दर्ज कराएं।
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सोशल मीडिया पर जागरूकता फैलाएं और लोगों को अपने अधिकार बताएं।
टैक्स में कटौती का लाभ पाना है आपका अधिकार
GST कटौती के बावजूद ओवरचार्जिंग से बचना और शिकायत करना न केवल आपका अधिकार है, बल्कि उपभोक्ता होने के नाते आपका दायित्व भी है। सरकार ने जो राहत दी है, उसका फायदा सभी तक पहुंचे — इसके लिए जरूरी है कि हम सब जागरूक बनें।