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गोरखपुर बना भारत का पहला स्मार्ट अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम वाला शहर। चेन्नई और बेंगलुरु को पछाड़ते हुए, जलभराव की समस्या से निजात दिलाने वाला रियल-टाइम हाईटेक सिस्टम अब पूरे देश के लिए बना उदाहरण।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर ने एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। अब यह शहर जलभराव की समस्या से नहीं, बल्कि देश के पहले स्मार्ट अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम (Urban Flood Management Cell – UFMC) के लिए जाना जा रहा है। गोरखपुर नगर निगम और यूपी सरकार के संयुक्त प्रयास से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब उत्तर भारत के लिए एक नया मानक बन गया है।
गोरखपुर का सिस्टम बना चेन्नई-बेंगलुरु से बेहतर
महापौर मंगलेश श्रीवास्तव ने बताया कि गोरखपुर के अधिकारियों ने चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों में जाकर वहां के फ्लड कंट्रोल सिस्टम को स्टडी किया, और फिर उससे उन्नत व स्थानीय जरूरतों के अनुसार एक नया मॉडल तैयार किया। अब गोरखपुर देश का पहला शहर बन गया है जहाँ पूरी तरह ऑपरेशनल स्मार्ट फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम काम कर रहा है।
20 करोड़ की लागत से बना UFMC कंट्रोल रूम
गोरखपुर नगर निगम ने करीब ₹20 करोड़ की लागत से UFMC विकसित किया है, जो रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग, वाटर लेवल सेंसर, रेन गेज सिस्टम और जीपीएस टैग्ड ड्रेनेज नेटवर्क से लैस है। शहर के 28 जलभराव हॉटस्पॉट और 85 प्रमुख लोकेशनों पर यह सिस्टम एक्टिवली निगरानी करता है।
अब 90 मिमी बारिश में भी नहीं होता जलभराव
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के अनुसार, गोरखपुर की भौगोलिक स्थिति कटोरे जैसी है, जिससे पहले बारिश का पानी लंबे समय तक रुकता था। लेकिन अब ऑटोमैटिक पंपिंग सिस्टम के जरिए सिर्फ 15 मिनट से लेकर 1 घंटे में जलनिकासी पूरी हो रही है। हाल ही में राष्ट्रपति के दौरे पर 90 मिमी बारिश के बावजूद शहर में पानी नहीं भरा।
गोरखपुर का स्मार्ट सिस्टम बना देशभर के लिए उदाहरण
अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल की प्रभारी डॉ. सौम्या श्रीवास्तव बताती हैं कि यह भारत का पहला पूरी तरह से स्मार्ट और ऑपरेशनल फ्लड मैनेजमेंट मॉडल है। वहीं, पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. वेंकटेश दत्ता कहते हैं कि यह सिस्टम उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के लिए आदर्श बन सकता है।