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ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान में अधिक जनभागीदारी और मानसून पूर्व विद्युत, पेयजल, चिकित्सा तैयारियों की समीक्षा की। जानिए बैठक में लिए गए अहम निर्देश।
प्रदेश के ऊर्जा एवं जिला प्रभारी मंत्री टोंक श्री हीरालाल नागर ने जिला परिषद सभागार में विद्युत, पेयजल, चिकित्सा एवं मानसून से पूर्व आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा बैठक की। साथ ही, उन्होंने वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान पर विशेष जोर
मंत्री हीरालाल नागर ने अधिकारियों को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के सफल क्रियान्वयन और अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राचीन जल संरचनाओं की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार के साथ जल संचयन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरण बढ़ाने पर भी बल दिया। वन विभाग को अधिक पौधारोपण और पौधों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।
विद्युत आपूर्ति और तंत्र को मजबूत बनाने के निर्देश
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने विद्युत विभाग को जिले में निरंतर विद्युत आपूर्ति बनाए रखने और तंत्र के सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। गर्मी में विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल जवाब देने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने पर जोर दिया। टोंक सहायक अभियंता को जनप्रतिनिधियों के फोन रिसीव करने की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए निर्देशित किया गया।
चिकित्सा विभाग की समीक्षा और सुधार
चिकित्सा विभाग की समीक्षा के दौरान नासिरदा सीएचसी में चिकित्सक नहीं होने की जानकारी मिलने पर तत्काल चिकित्सक उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए। साथ ही, डॉक्टरों के रिक्त पद भरने की भी आवश्यकता जताई गई। अस्पतालों में पेयजल टंकियों की सफाई और वॉटर कूलर के संचालन की जांच के लिए एडीएम को निर्देशित किया गया।
मानसून से पूर्व तैयारियों पर विशेष ध्यान
मानसून के दौरान जलदाय विभाग को पेयजल लाइनों की लीकेज शीघ्र ठीक करने और पूर्ण दबाव के साथ पानी आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अवैध कनेक्शन करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। पशुपालन विभाग को मोबाइल वैन के माध्यम से पशुपालकों को समय पर उपचार सेवा पहुंचाने का निर्देश मिला।
सार्वजनिक निर्माण विभाग को भी दिये गए निर्देश
प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने नदी-नालों पर रपट के किनारे रैलिंग एवं जंजीर लगाने, बांधों और तालाबों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। सभी विभागों को मानसून के दौरान सक्रिय और प्रोएक्टिव रहने के साथ समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने कहा गया।
बैठक में देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर, जिला प्रमुख सरोज बंसल, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान, जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता समेत अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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