Earphone Side Effects: जानें ईयरफोन और हेडफोन के अधिक इस्तेमाल से कानों को होने वाले नुकसान के बारे में। सुरक्षित सुनने के टिप्स, टिनिटस और हाइपरएक्यूसिस जैसी समस्याओं से बचाव के उपाय।
Earphone Side Effects: आज के डिजिटल युग में हेडफोन और ईयरफोन हमारी जीवनशैली का हिस्सा बन गए हैं। चाहे सुबह की वॉक हो, मेट्रो की यात्रा, बस या ऑफिस में कॉल, हर जगह लोग कानों में ईयरफोन लगाए नजर आते हैं। हालांकि यह सुविधा है, लेकिन लगातार और अधिक इस्तेमाल से सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, असुरक्षित सुनने की आदतों के कारण दुनिया भर में लगभग एक अरब युवा सुनने की समस्या का सामना कर सकते हैं।
ईयरफोन के कारण क्या होती हैं समस्याएं?
रिपोर्ट के अनुसार, तेज आवाज़ में सुनने पर ध्वनि तरंगें कान के पर्दे को कंपित करती हैं और कोक्लिया तक पहुँचती हैं। कोक्लिया में हजारों सूक्ष्म हेयर सेल्स होती हैं। लगातार तेज आवाज़ सुनने से ये सेल्स स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, जिससे सुनने की क्षमता कम हो जाती है।
कुछ आम समस्याएं:
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कान में घंटी जैसी आवाज़ (टिनिटस)
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सामान्य आवाज़ भी असहनीय लगना (हाइपरएक्यूसिस)
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कान में दर्द या चक्कर आना
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बार-बार इंफेक्शन और अधिक ईयरवैक्स
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बचाव के उपाय
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आवाज़ को मध्यम रखें और लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल न करें
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नॉइज-कैंसिलिंग या ओवर-द-ईयर हेडफोन का इस्तेमाल करें, ये बाहरी शोर कम करते हैं
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ईयरफोन को नियमित रूप से साफ करें
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पहले से शोर भरे माहौल में ईयरफोन लगाने से बचें
छोटी सावधानी से आप कानों को स्थायी नुकसान से बचा सकते हैं और सुनने की क्षमता सुरक्षित रख सकते हैं।