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डायबिटीज के शुरुआती लक्षण, जैसे बार-बार पेशाब जाना, प्यास लगना, और वजन घटना, जिन्हें नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है। जानें डायबिटीज के संकेत और उपचार के बारे में।
डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, जो समय रहते पहचानी जाए तो इसके प्रभाव को रोका जा सकता है। हालाँकि, इसके शुरुआती लक्षण अक्सर लोग सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं, जो बाद में टाइप-2 डायबिटीज और उससे संबंधित जटिलताओं का कारण बन सकते हैं। आजकल डायबिटीज केवल बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवा आबादी, यहां तक कि बच्चों में भी यह समस्या बढ़ रही है।
भारत में डायबिटीज का बढ़ता हुआ खतरा
भारत को डायबिटीज की राजधानी भी कहा जाता है, जहां करीब 10 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में मधुमेह से पीड़ित हैं। खास बात यह है कि अब 25 से 35 साल की उम्र के युवा भी इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। इसके पीछे आहार की गड़बड़ी, अनियमित जीवनशैली, तनाव और स्क्रीन टाइम जैसे कारण प्रमुख माने जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे शरीर के अन्य हिस्सों जैसे हृदय, किडनी, आंखें और तंत्रिकाओं को भी नुकसान हो सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि हम डायबिटीज के लक्षणों को समझें और समय पर इलाज करवाएं।
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डायबिटीज के शुरुआती संकेत: जिन्हें अनदेखा करना हो सकता है खतरनाक
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बार-बार बाथरूम जाना
डायबिटीज का सबसे सामान्य और शुरुआती लक्षण है बार-बार पेशाब आना। जब शरीर में शुगर का स्तर बढ़ जाता है, तो किडनी अतिरिक्त शुगर को निकालने के लिए ज्यादा पानी फिल्टर करती है। इस वजह से पेशाब बार-बार आना शुरू होता है। अगर रात में दो बार से ज्यादा पेशाब जाने की समस्या हो, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है। -
बहुत ज्यादा प्यास लगना
अगर आपके शरीर में बार-बार पेशाब जाने की वजह से पानी की कमी हो रही है, तो आपको बार-बार प्यास लगने लगेगी। ज्यादा पेशाब और ज्यादा पानी पीने की इच्छा दोनों ही डायबिटीज के संकेत हो सकते हैं। यह स्थिति कई दिनों तक बनी रहे तो यह असंतुलित शुगर लेवल का संकेत है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। -
तेजी से वजन कम होना
बिना किसी खास कारण या डाइट कंट्रोल के अगर आपका वजन तेजी से घटने लगे, तो यह भी डायबिटीज का संकेत हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती और वह फैट और मांसपेशियों को तोड़कर ऊर्जा जुटाने की कोशिश करता है। यह लक्षण खासतौर पर टाइप-2 डायबिटीज में देखने को मिलता है। -
थकान और कमजोरी
डायबिटीज के कारण शरीर में मौजूद ग्लूकोज कोशिकाओं तक नहीं पहुँच पाता, जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती। इसके परिणामस्वरूप थकान, कमजोरी और नींद की समस्या उत्पन्न हो सकती है। खासकर, यह थकान आराम करने या सोने के बाद भी खत्म नहीं होती। डायबिटीज के मरीजों में यह क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम (लगातार थकान महसूस होना) का कारण बन सकता है। -
घाव का देर से भरना
अगर आपके शरीर के छोटे घाव, कट या घाव जल्दी नहीं भर रहे हैं, तो यह भी डायबिटीज का संकेत हो सकता है। बढ़ा हुआ शुगर लेवल शरीर की इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है, जिससे घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसके अलावा पैरों में संक्रमण, मसूड़ों की सूजन या बार-बार होने वाले फंगल इंफेक्शन को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डायबिटीज के जोखिम से बचाव के उपाय
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स्वस्थ आहार: संतुलित आहार का सेवन करें और शुगर, कार्बोहाइड्रेट और फैट्स की मात्रा पर नियंत्रण रखें।
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व्यायाम: नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियाँ करें, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं।
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समय पर जांच: यदि आपको किसी भी प्रकार के डायबिटीज लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड शुगर की जांच कराएं।
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तनाव कम करें: मानसिक तनाव डायबिटीज के लक्षणों को बढ़ा सकता है, इसलिए ध्यान और योग जैसी विधियाँ अपनाएं।