पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने जालंधर में बाढ़ और लगातार बारिश के बाद जलजनित एवं मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम को व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने जिला प्रशासनिक परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि दस्त जैसी बीमारियों के संभावित प्रकोपों से निपटना समय की जरूरत है।
डॉ. बलबीर सिंह ने विधायक बलकार सिंह, विधायक इंद्रजीत कौर मान, नगर निगम आयुक्त संदीप ऋषि सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल परीक्षण और क्लोरीनीकरण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि रुके हुए पानी को निकालना और पूरे जिले में नियमित फॉगिंग सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि मच्छर जनित बीमारियों, विशेषकर डेंगू के लार्वा पर नियंत्रण रखा जा सके।
मंत्री ने जालंधर प्रशासन की सराहना की कि मजबूत बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था के कारण सतलुज नदी में बढ़े जल प्रवाह के बावजूद जिले में बांध का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। उन्होंने जनता से अपील की कि आपात स्थिति में हेल्पलाइन 104 पर संपर्क करें, जहाँ चौबीसों घंटे त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहेगी।
डॉ. बलबीर सिंह ने सामाजिक संगठनों और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) को बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता हेतु स्वेच्छा से सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने फसल नुकसान वाले किसानों के लिए 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा और नदी किनारे किसानों को रेत निकालने की अनुमति देने जैसी पंजाब सरकार की नई कल्याणकारी नीतियों को भी रेखांकित किया।
इसके साथ ही, मंत्री ने केंद्र सरकार पर पंजाब के बकाया 60,000 करोड़ रुपये को तत्काल जारी करने का दबाव बनाया ताकि बाढ़ से प्रभावित बुनियादी ढांचे की पुनःस्थापना की जा सके।