Devshayani Ekadashi 2025: जानें देवशयनी एकादशी व्रत करने का सही नियम और 90% लोग जो करते हैं आम गलती

Devshayani Ekadashi 2025: जानें देवशयनी एकादशी व्रत करने का सही नियम और 90% लोग जो करते हैं आम गलती

Devshayani Ekadashi 2025: जानें देवशयनी एकादशी 2025 व्रत का सही नियम, पूजा विधि, व्रत में आम गलतियां, व्रत टूटने पर उपाय और क्या खाएं-पीएं। 6 जुलाई 2025 की देवशयनी एकादशी व्रत की पूरी जानकारी हिंदी में।

Devshayani Ekadashi 2025: देवशयनी एकादशी जिसे हरिशयनी एकादशी भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और शिव जी सृष्टि का संचालन संभालते हैं। इस वर्ष देवशयनी एकादशी 6 जुलाई 2025 को है, जो चातुर्मास की शुरुआत भी है। लेकिन क्या आप जानते हैं देवशयनी एकादशी व्रत का सही नियम क्या है? इस व्रत में कई लोग सामान्य गलतियां करते हैं, जो व्रत के फलों को प्रभावित कर सकती हैं। इस लेख में जानिए देवशयनी एकादशी व्रत की पूरी विधि और किन बातों का रखें विशेष ध्यान।

देवशयनी एकादशी 2025 कब है?

  • दिनांक: 6 जुलाई 2025

  • इस दिन से चातुर्मास आरंभ होता है, और मांगलिक कार्यों पर रोक लगती है।

देवशयनी एकादशी व्रत कैसे करें? सही विधि

  1. उपवास प्रारंभ: दशमी तिथि की रात हल्का भोजन करें ताकि एकादशी के दिन पेट में कोई अन्न न हो। व्रत सूर्योदय के बाद शुरू होता है और अगले दिन सूर्योदय के बाद समाप्त होता है।

  2. स्नान और पूजा: सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और सूर्य देव को जल अर्पित करें। घर के मंदिर में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा के दौरान गणेश जी का पूजन अवश्य करें।

  3. पूजा विधि: शंख में जल भरकर पंचामृत और जल से भगवान का अभिषेक करें। भगवान का श्रृंगार करें, कुमकुम, चंदन, गुलाल, हार-फूल आदि अर्पित करें।

  4. मंत्र जाप और कथा: “ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय” और “ऊँ श्रीं श्रिये नमः” मंत्रों का जाप करें। तुलसी और गाय के दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाएं और आरती करें।

  5. दान करें: ब्राह्मणों को दान देना शुभ होता है। व्रत के दौरान परोपकार का विशेष ध्यान रखें।

देवशयनी एकादशी व्रत में आम गलतियां जिनसे बचें

  • दिन में बिस्तर पर विश्राम करना: व्रत के दिन आलस्य और विश्राम से बचें क्योंकि यह व्रत के फल को कम कर देता है।

  • रात्रि में सो जाना: एकादशी की रात जागरण कर भगवान का भजन-पूजन करना चाहिए, लेकिन कई लोग रात को सो जाते हैं, जो अनुचित माना जाता है।

व्रत टूट जाने पर क्या करें?

यदि किसी कारण वश व्रत टूट जाए तो न घबराएं, निम्न उपाय करें:

  • पुनः स्नान करें और भगवान विष्णु की मूर्ति का पंचामृत से अभिषेक करें।

  • षोडशोपचार पूजा करें और क्षमा याचना के मंत्रों का जाप करें।

  • ब्राह्मण, गौ और कन्याओं को भोजन कराएं।

  • द्वादशाक्षर मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” की 11 माला जाप करें।

  • अगर व्रत पूरा न कर सकें तो निर्जला एकादशी का संकल्प लें।

देवशयनी एकादशी व्रत में क्या खाएं-पीएं?

  • गाय का दूध पीएं, भैंस और बकरी के दूध से बचें।

  • पनीर का सेवन न करें क्योंकि इसमें नींबू का प्रयोग होता है जो ग्रह दोष उत्पन्न कर सकता है।

  • फलाहार, साबूदाना, शकरकंद, आलू और मूंगफली का सेवन किया जा सकता है।

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