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डेंगू सिर्फ प्लेटलेट्स को ही नहीं, बल्कि लिवर को भी नुकसान पहुंचाता है। डेंगू में लिवर डैमेज के लक्षण जैसे पीलापन, पेट दर्द और कमजोरी दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डेंगू वायरस का खतरा अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। खासकर बरसात के बाद, डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। डेंगू वायरस शरीर पर सबसे ज्यादा ब्लड प्लेटलेट्स को प्रभावित करता है, जिससे कमजोरी, थकान और ब्लीडिंग जैसी समस्याएं होती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डेंगू का असर केवल प्लेटलेट्स पर ही नहीं, बल्कि लिवर पर भी पड़ता है? कई मामलों में डेंगू लिवर डैमेज का कारण बन सकता है।
डेंगू के बढ़ते मरीज और लिवर पर असर
हाल के दिनों में डेंगू के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। अधिकतर मरीज बुखार से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ में लिवर से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स में यह खुलासा हुआ है कि डेंगू वायरस लिवर के सेल्स को नुकसान पहुंचाता है, जिससे लिवर में सूजन और अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। खासकर उन मरीजों में यह समस्या अधिक देखी गई है जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है या जिनके पहले से लिवर की कोई बीमारी है। दिल्ली जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों में भी डेंगू के कारण लिवर की समस्या वाले मरीज बढ़े हैं।
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डेंगू में लिवर डैमेज के प्रमुख लक्षण
डेंगू के दौरान लिवर इन्क्लूजन (Liver Involvement) आम होता है। इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं, जिन्हें नजरअंदाज न करें:
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लगातार तेज बुखार और पेट में दर्द होना
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आंखों और त्वचा पर पीला रंग (जॉन्डिस) आना
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भूख कम लगना और बार-बार उल्टी होना
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पेट में सूजन या भारीपन महसूस होना
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थकान और कमजोरी का बढ़ जाना
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खून की उल्टी आना या यूरिन में खून दिखना
डेंगू में लिवर डैमेज से बचाव के लिए जरूरी बातें
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डेंगू के लक्षण महसूस होते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड टेस्ट कराएं।
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खूब पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
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तले-भुने और मसालेदार खाने से बचें ताकि लिवर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
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पूरी तरह आराम करें और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का पालन करें।