दिल्ली वाहन नियम 2025: दिल्ली-एनसीआर के उन वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिली है जिनके डीजल वाहन 10 वर्ष से अधिक पुराने हैं और पेट्रोल वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराने। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इन वाहनों के मालिकों के खिलाफ फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। इस फैसले पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के लोगों को बधाई दी और इस न्यायिक निर्णय को जनता के हित में बताया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार की याचिका को स्वीकार करते हुए दिल्ली-एनसीआर में पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी सरकार न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से दिल्लीवासियों के हितों का मजबूती से प्रतिनिधित्व करती रहेगी।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का स्वागत किया और कहा कि यह फैसला दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए राहत लेकर आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद दिया। सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार वायु गुणवत्ता सुधारने और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या है मामला?
दिल्ली और एनसीआर में दस वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों और पंद्रह वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़क पर चलने से रोकने के लिए एनजीटी ने आदेश दिया था। इसके पालन में दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान था। सुप्रीम कोर्ट ने अब एनजीटी के इस आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए पुराने वाहनों के मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई रोक दी है।
यह फैसला दिल्लीवासियों के लिए राहत और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश को दर्शाता है।