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Delhi News: दिल्ली सरकार ने कांवड़ यात्रा 2025 के लिए पंजीकृत समितियों को ₹10 लाख तक की आर्थिक मदद और 1200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया है। नई नीति के तहत टेंडर प्रक्रिया समाप्त कर सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है।
Delhi News: सावन महीने में हर साल निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दिल्ली में पंजीकृत कांवड़ समितियों को अब ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख तक की सीधी आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ-साथ हर समिति को 1200 यूनिट तक मुफ्त बिजली भी मिलेगी, जिससे शिविर संचालन बिना किसी रुकावट के किया जा सके।
कांवड़ समितियों को सीधे बैंक खाते में मिलेगी सहायता
दिल्ली सरकार की नई योजना के तहत अब कांवड़ समितियों को टेंडर प्रक्रिया के झंझट से मुक्त कर दिया गया है। सरकार ने टेंडर सिस्टम समाप्त कर सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत सभी पंजीकृत समितियों को DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के ज़रिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
4 श्रेणियों में बांटे गए शिविर
कांवड़ शिविरों को उनके आकार और संचालन अवधि के अनुसार चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा।
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न्यूनतम सहायता राशि ₹50,000
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अधिकतम सहायता राशि ₹10,00,000
सहायता की 50% राशि एडवांस में दी जाएगी और शेष 50% राशि प्रमाणित दस्तावेज (जियो-टैग फोटो, उपयोगिता प्रमाणपत्र, ऑडिट रिपोर्ट) जमा करने के बाद दी जाएगी।
यह पूरी प्रक्रिया ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ के आधार पर होगी, और प्रत्येक समिति को स्थानीय सांसद या विधायक की अनुशंसा प्रस्तुत करनी होगी।
बनेगी ‘मुख्यमंत्री धार्मिक उत्सव समिति’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि इस पूरी योजना की निगरानी के लिए एक नई समिति बनाई जाएगी – मुख्यमंत्री धार्मिक उत्सव समिति। इसकी अध्यक्षता दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा करेंगे, और इसमें चार विधायक भी शामिल होंगे।
प्रत्येक जिले में DM की निगरानी में सिंगल विंडो सिस्टम बनाया जाएगा, जहां आवेदन के 72 घंटे के भीतर अनुमति और NOC दी जाएगी।
शिविरों में जरूरी सुविधाएं अनिवार्य
सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि प्रत्येक कांवड़ शिविर में निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य हों:
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वाटरप्रूफ टेंट
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बैरिकेडिंग
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सीसीटीवी कैमरे
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कूलर, पंखे, लाइट्स
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फायर सेफ्टी उपकरण
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मंच और बिस्तर
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साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था
इस कार्य में जल बोर्ड, दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, MCD, स्वास्थ्य, DDA और बिजली विभाग शामिल रहेंगे।
1200 यूनिट मुफ्त बिजली और सख्त निगरानी
सरकार के अनुसार, हर समिति को 1200 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी। आमतौर पर एक शिविर 1000 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग नहीं करता। आयोजन की तारीख से 3 महीने के भीतर बिल और ऑडिट रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा। फर्जीवाड़ा या अनियमितता करने वाली समितियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
“पहले होता था भ्रष्टाचार, अब पारदर्शिता होगी”
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकारों में टेंडर प्रणाली में भारी भ्रष्टाचार होता था। समितियों को आखिरी वक्त तक टेंट और अन्य सुविधाओं का इंतज़ार करना पड़ता था। अब पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही के साथ सीधे आर्थिक मदद दी जाएगी ताकि शिवभक्तों की सेवा में कोई कमी न रहे।
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