दिल्ली में बिजली बिल 70% तक बढ़ने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट ने तीन बिजली कंपनियों को 31,502 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। जानें पूरी डिटेल और सरकार की क्या योजना है।
दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली में बिजली बिल 70 प्रतिशत तक महंगा हो सकता है। यह बढ़ोतरी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आ रही है, जिसमें तीन निजी बिजली वितरण कंपनियों—बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टीपीडीएल—को चार साल में कुल 31,502 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। यह राशि कंपनियों की नियामक परिसंपत्तियों के बकाया के तौर पर निर्धारित हुई है।
दिल्ली डिस्कॉम्स का कहना है कि बिना इस बकाए के भुगतान के बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, इसलिए यह राशि उपभोक्ताओं से वसूल की जाएगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को सलाह दी है कि वह सब्सिडी देकर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम कर सकती है।
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बीआरपीएल का बकाया 15,512 करोड़, बीवाईपीएल का 10,338 करोड़ और टीपीडीएल का 5,652 करोड़ रुपये है। विपक्ष और राजनीतिक दल इस बढ़ोतरी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि सरकार उपभोक्ताओं को राहत दे।
दिल्ली में बिजली महंगी होने की संभावना 2025 तक बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक भुगतान का पूरा बोझ बिजली कंपनियों पर होगा, लेकिन सरकार को सब्सिडी देने का विकल्प भी मिला है ताकि जनता पर ज्यादा प्रभाव न पड़े।