Delhi CM Atishi ने कहा कि देश की सबसे प्रगतिशील सोलर नीति दिल्ली की है।
Delhi CM Atishi ने मंगलवार को बिजली विभाग और तीनों विद्युत कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक में दिल्ली सौर नीति के कार्यान्वयन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बैठक में उपभोक्ताओं को एक महीने में सब्सिडी देने का आदेश दिया। साथ ही, उन्होंने उपभोक्ताओं को 30 दिनों तक कैपिटल आधारित और जेनरेशन बेस्ड इंसेंटिव (GBI) देने को कहा।
AAP सरकार देश भर में सौर पैनल लगाने वालों को जेनरेशन बेस्ड इंसेंटिव (GBI) देने वाली एकमात्र सरकार है। सप्ताह भर में खपत से अधिक बिजली बनाने पर उपभोक्ताओं के बैंक खाते में बिजली कम्पनिया सब्सिडी देंगे।
उनका कहना था कि सोलर पॉलिसी का बहुत सारा लक्ष्य है। पहला, सौर ऊर्जा को अपनाने वाले राज्यों की सूची में दिल्ली को शामिल करना। इससे वायु प्रदूषण भी कम होगा। दूसरा, उपभोक्ताओं के बिजली बिल को शून्य करना चाहिए, जिन लोगों को सब्सिडी का लाभ नहीं मिल रहा है, और व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल को पचास प्रतिशत तक कम करना चाहिए। 2027 तक दिल्ली की विद्युत उत्पादन क्षमता को 1500 मेगावट से तीन गुना करना होगा। ये लक्ष्य हासिल करने से दिल्ली की बिजली खपत का सबसे बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा होगा, जो 2027 तक लगभग 20 प्रतिशत होगा।
दिल्ली की सोलर नीति देश की सबसे उन्नत है।
आतिशी ने इस बड़े कार्यक्रम को लेकर कहा कि दिल्ली सरकार की सोलर नीति देश में सबसे प्रगतिशील है। हमारा लक्ष्य इस पॉलिसी के माध्यम से बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करते हुए दिल्ली को सौर ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।