DELHI CM कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल
- पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और आप सांसद संजय सिंह ने पूजा-अर्चना की।
DELHI CM :सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत दी। कोर्ट ने कुछ आवश्यक शर्तों के साथ उन्हें जमानत दी है। जमानत मिलने के बाद केजरीवाल कल तिहाड़ जेल से बाहर निकले।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने पंत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ कनॉट प्लेस स्थित प्रसिद्ध हनुमान दोपहर में दर्शन करने के लिए जाना। सीएम के साथ आप सांसद संजय सिंह और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी थे।
हालाँकि आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को कथित आबकारी घोटाले में जमानत मिली है, लेकिन उनका नामित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अभी भी जेल में रहेगे। सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल पर लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से वे अभी मुख्यमंत्री पद पर नहीं रह सकेंगे। वह उन्हीं फाइलों पर दस्तखत कर सकेगे, जो उपराज्यपाल को भेजे जाने चाहिए। कैबिनेट विस्तार समेत इसकी बैठकों के बारे में आपको सुप्रीम अदालत से स्पष्टीकरण चाहिए। इस बारे में वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी संकेत दिया है कि वह न्यायालय का रुख कर सकते हैं।
दरअसल, अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली है। जेल से बाहर आने के बाद केजरीवाल दिल्ली सचिवालय और मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं जा पाएंगे। वहीं, आप सरकारी फाइलों पर दस्तखत नहीं करेंगे, जब तक ऐसा करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह वही फाइलें होंगी जो उपराज्यपाल को भेजे जाएंगे। इससे कैबिनेट बैठक, विस्तार और अन्य कार्यों को संभव नहीं होगा।साथ ही, आप की लीगल टीम का मानना है कि जबकि दिल्ली कैबिनेट का विस्तार चल रहा है, मुख्यमंत्री के कामकाज पर अदालत ने बंदिशें लगाई हैं। वर्तमान कैबिनेट मंत्री राजकुमार आनंद के इस्तीफे के बाद एक पद खाली है।
मुख्यमंत्री को कैबिनेट बैठक से निकलने वाले कैबिनेट नोट पर भी दस्तखत करनी होगी। दूसरे महत्वपूर्ण कार्यों की फाइल उपराज्यपाल को नहीं भेजी जानी चाहिए। वह इन सभी मामलों में विस्तार के लिए अदालत जाएगा। साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि ऐसी शर्तों को अदालत में चुनौती दी जाएगी तो वह नहीं टिकेंगी।
अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री कार्यालय या सचिवालय नहीं जा सकेंगे।तब तक सरकारी फाइलों पर दस्तखत नहीं करेंगे, जब तक ऐसा करने की आवश्यकता नहीं होगी।अपने अभ्यास को लेकर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहेंगे।किसी भी गवाह से बातचीत नहीं करेंगे।इस मामले से जुड़ी कोई भी आधिकारिक फाइल उनके पास नहीं होगी यदि आवश्यक हो तो ट्रायल कोर्ट में पेश होकर जांच में सहयोग करेंगे।
21 मार्च को ईडी ने अरविंद केजरीवाल को सिविल लाइंस में उनके घर से गिरफ्तार कर लिया, जहां वे 156 दिन जेल में रहे थे। 10 दिन की पूछताछ के बाद उन्हें 1 अप्रैल को तिहाड़ जेल भेजा गया। 26 जून को सीबीआई ने इसी मामले में पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर लिया। 10 मई, लगभग 51 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने 21 दिन की अंतरिम बेल दी थी। लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी का प्रचार करने का उद्देश्य था। केजरीवाल ने दो जून को सरेंडर कर दिया था। ईडी की गिरफ्तारी के बाद से सीधे अगर केजरीवाल शुक्रवार 13 सितंबर को रिहा होते तो उनको 177 दिन काटने पड़ते, लेकिन 21 दिन कम करने से उनकी जेल में रहने की अवधि 156 दिन होती।
अरविंद केजरीवाल: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को ED ने कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। सुप्रीम कोर्ट में जांच एजेंसी ने केजरीवाल को शराब घोटाले का सरगना बताया था। शुक्रवार को जमानत मिली है।मनीष सिसोदिया: पिछले वर्ष 26 फरवरी को गिरफ्तार किए गए सिसोदिया भी फिलहाल जमानत पर हैं। नौ अगस्त को वह जेल से रिहा । दिल्ली की नई शराब नीति को लागू करने का अधिकार सिसोदिया को ही था। सिसोदिया पर आरोप है कि उन्होंने आबकारी मंत्री के रूप में मनमाने और एकतरफा निर्णय लिए।
संजय सिंह: पिछले साल 4 अक्तूबर को ED ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार किया था। संजय सिंह पर दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप था। 2 अप्रैल को संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली।15 मार्च को BRS नेता K. Kavita गिरफ्तार किया गया। EID का दावा है कि विजय नायर सहित आम आदमी पार्टी के नेताओं को साउथ ग्रुप ने 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी। इस साउथ ग्रुप में कविता थीं। 27 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।