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देहरादून टोंस नदी हादसा: उत्तराखंड के देहरादून में मंगलवार, 16 सितंबर को हुए एक दिल दहला देने वाले हादसे में दस मजदूर टोंस नदी की रौद्र धारा में बह गए। ये मजदूर मुरादाबाद के निवासी थे और खनन कार्य में लगे हुए थे। इस हादसे में भारी बारिश और बाढ़ का पानी ट्रैक्टर-ट्रॉली को बहाकर ले गया, जिसमें मजदूरों की मौत हो गई। इस दुर्घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
देहरादून टोंस नदी हादसा
देहरादून में हाल ही में हुई भारी बारिश ने बहुत तबाही मचाई। प्रेम नगर थाना क्षेत्र में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब टोंस नदी पार कर रही थी, तभी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और सैलाब की चपेट में आकर ट्रॉली पलट गई। हादसे में ट्रॉली में सवार दस मजदूर बह गए। ये मजदूर मुरादाबाद के थे और खनन कार्य में लगे हुए थे।
हादसे के बाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मृतकों के परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी। सीएम योगी ने ट्वीट कर कहा, “उत्तराखंड के देहरादून में टोंस नदी में हुई इस दुर्घटना में यूपी के जो लोग काल के गाल में समाए हैं, उनकी आत्मा को शांति मिले। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।”
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सीएम योगी का आर्थिक सहायता ऐलान
सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि मृतकों के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को श्री चरणों में स्थान मिले और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो।”
उत्तराखंड और यूपी सरकार की मदद
इस हादसे में मारे गए मजदूरों में से कई उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी तहसील के मुढ़िया जैन गांव के थे। उत्तराखंड सरकार ने भी इस हादसे के पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।
टोंस नदी में आई बाढ़ ने किया तगड़ा नुकसान
देहरादून में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण सहस्रधारा और अन्य पर्यटन स्थलों पर भारी नुकसान हुआ है। वहीं, टोंस नदी के पानी के सैलाब ने न सिर्फ ट्रैक्टर-ट्रॉली को बहाया, बल्कि आसपास के इलाकों में भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न कर दी।