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रुपये में गिरावट: 13 अगस्त 2024 को डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे टूटकर 87.69 पर पहुंचा। जानिए गिरावट की वजह, FII डेटा और शेयर बाजार का ताज़ा हाल।
रुपये में गिरावट: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मंगलवार को 6 पैसे टूटकर 87.69 के स्तर पर पहुंच गया। ट्रेड टैरिफ को लेकर जारी अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिकी डॉलर की हल्की मजबूती के चलते रुपये पर दबाव देखने को मिला है।
रुपये में कमजोरी, जानिए क्या रहा कारण
मंगलवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार (interbank forex market) में रुपया 87.63 के स्तर पर खुला और धीरे-धीरे 87.69 प्रति डॉलर तक गिर गया। यह पिछले बंद भाव की तुलना में 6 पैसे की गिरावट है। एक दिन पहले यानी सोमवार को रुपया 12 पैसे की मजबूती के साथ 87.63 पर बंद हुआ था।
डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की चाल
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डॉलर इंडेक्स: अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला इंडेक्स 0.08% गिरकर 98.01 पर पहुंचा, जिससे रुपया को आंशिक समर्थन मिला।
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ब्रेंट क्रूड ऑयल: अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.09% बढ़कर 66.18 डॉलर/बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
शेयर बाजार में तेजी का रुख
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BSE Sensex: 327.79 अंक की बढ़त के साथ 80,563.38 पर
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NSE Nifty-50: 112.15 अंक ऊपर जाकर 24,599.55 पर बंद
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इन आंकड़ों से साफ है कि शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा बरकरार है, लेकिन रुपये पर दबाव बना हुआ है।
FII की बिकवाली बढ़ा रही दबाव
शेयर बाजार के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 3,398.80 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। लगातार पूंजी निकासी रुपये की गिरावट की एक बड़ी वजह है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
अनुज चौधरी, रिसर्च एनालिस्ट (जिंस एवं मुद्रा), मिराए एसेट शेयरखान के अनुसार “भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ टेंशन बढ़ने से रुपये पर नकारात्मक दबाव बना है। FII की बिकवाली और ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता इसके पीछे अहम कारण हैं। हालांकि, डॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल की घटती कीमतें रुपये को निचले स्तर पर सपोर्ट दे सकती हैं।”