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Crude Oil Price 2026: अमेरिका और वेनेजुएला के तनाव के बीच जानें 2026 में कच्चे तेल की कीमतें कैसे होंगी, क्या पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा, एक्सपर्ट रिपोर्ट और रिसर्च के अनुसार तेल की कीमतों में गिरावट का असर।
Crude Oil Price 2026: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर देखा जा रहा है। फिलहाल यह विवाद कुछ समय के लिए कच्चे तेल की कीमतों को सहारा दे रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में स्थिति बदल सकती है। 2026 में तेल सस्ता हो सकता है और इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट में क्या है कहा?
नुवामा रिपोर्ट
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में तेल और गैस सेक्टर की कुल आय में सालाना आधार पर लगभग 17% की बढ़त देखने को मिल सकती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज को रिफाइनिंग और डिजिटल बिजनेस से लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की कमाई बढ़ सकती है, जबकि कच्चे तेल के दाम गिरने से ONGC और अन्य गैस कंपनियों के लिए चुनौतियां बनी रह सकती हैं।
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एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट
एसबीआई रिसर्च के अनुसार, OPEC+ के उत्पादन बढ़ाने के फैसले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी देखी जा रही है। सप्लाई में थोड़ी कटौती के बावजूद कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड की कीमत औसतन $55 प्रति बैरल के आसपास रह सकती है। भारत में कच्चे तेल की कीमतें ब्रेंट क्रूड से जुड़ी होने के कारण घरेलू स्तर पर भी तेल सस्ता होने की संभावना है। इंडियन बास्केट की कीमत मार्च 2026 तक लगभग $53 और जून 2026 तक $52 प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल के दामों में गिरावट का सीधा फायदा आम जनता को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत के रूप में मिलेगा। इसके अलावा महंगाई दर पर भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।