कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये कैसी परीक्षा है, पर्चा हर दिन लीक होता है

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये कैसी परीक्षा है, पर्चा हर दिन लीक होता है

कांग्रेस: यूजीसी नेट परीक्षा के रद्द होने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेर लिया है। कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार को लीक और फ्रॉड के बिना कोई परीक्षा का आयोजन नहीं कर सकती है। मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश ने इसकी पुष्टि की।

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को यूजीसी-नेट परीक्षा को रद्द करने के बाद मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह “लीक और फ्रॉड” के बिना कोई परीक्षा नहीं करती। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस सरकार ने पूरी तरह से शिक्षा और भर्ती को बर्बाद कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार को यूजीसी-नेट परीक्षा को रद्द करने का आदेश दिया, जिसमें 2024 में मेडिकल में प्रवेश के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश (नीट)-स्नातक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की चर्चा हुई थी मंत्रालय ने मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को गहन जांच के लिए भेज दिया।

ये क्या परीक्षा है, मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा

“ये कैसी “परीक्षा पे चर्चा” है, जहां पर्चा हर समय लीक होती है,”खरगे ने सोशल मीडिया मंच “एक्स” पर पोस्ट किया। मोदी सरकार ने देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। अब यूजीसी-नेट, सीयूईटी और नीट में पेपर लीक, धांधली और गंभीर अनियमितताओं का पता चला है। बहुचर्चित राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) पूरी तरह से निष्क्रिय है।उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगस्त 2020 में एनआरए की घोषणा की थी।’’ “एनआरए करोड़ों युवाओं के लिए वरदान साबित होगी,” उन्होंने क्रोध से कहा। यह संसाधनों और समय की बचत करेगा और कई परीक्षाओं को एकमात्र पात्रता परीक्षा से पूरा करेगा। इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी।‘’

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मोदी सरकार बहानेबाजी और टाल-मटोल करती है

खरगे ने कहा कि मोदी सरकार ने कहा था कि एनआरए सभी सरकारी पदों के लिए एक समान भर्ती परीक्षा करेगा। उनका दावा था कि चार वर्ष बीत गए हैं, लेकिन राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी ने कोई परीक्षा नहीं निकाली है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘तीन वर्षों के लिए एनआरए को 1,517.57 करोड़ का कोष मुहैया कराया गया। लेकिन दिसंबर 2022 तक केवल 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। मोदी सरकार ने हर बार विपक्ष से जवाब मांगा तो टाल-मटोल और बहानेबाजी की। जबकि एनआरए को भर्ती परीक्षा की एकमात्र संस्था बनना था, वह केवल निचले स्तर पर अभ्यर्थियों की छटनी करने के लिए बना दिया गया था।‘’

“परीक्षा पर ज्ञान की वर्षा बेईमानी है।”

उन्होंने दावा किया कि सूचना का अधिकार से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” के खर्च में छह वर्षों में 175 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। “जो सरकार बिना धांधली के एक देशव्यापी परीक्षा नहीं करा सकती, उसके मुखिया द्वारा छात्रों को “परीक्षा” पर ज्ञान की वर्षा करना बेईमानी है,”खरगे ने कहा। मोदी पिछले दिन विश्वविद्यालय घूम रहे थे और झूठे वादों से करोड़ों युवाओं को बेरोज़गारी के दलदल में डाल रहे थे।उसने यह भी कहा कि हम “पहली नौकरी पक्की”, “आरक्षण का अधिकार” और “पेपर लीक से मुक्ति” के हमारे कार्यक्रम को जारी रखेंगे। हमारा संघर्ष युवा अधिकारों के लिए सड़क से संसद तक जारी रहेगा।‘’

जयराम रमेश ने कहा कि परीक्षा पर चर्चा एक भव्य शो है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट लिखा, “नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री हर साल ‘परीक्षा पे चर्चा’ नाम से एक भव्य तमाशा करते हैं। लेकिन उनकी सरकार फ्रॉड और लीक के बिना कोई परीक्षा नहीं कर सकती।”नीट-स्नातक परीक्षा 2024 को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हुए हैं,” उन्होंने कहा। शिक्षा मंत्री को भी इन्हें स्वीकार करना पड़ा है। एनटीए की ईमानदारी को गंभीर संदेह है। “अब परसों (मंगलवार) ही आयोजित हुई यूजीसी-नेट परीक्षा को कल रात रद्द कर दिया गया,” रमेश ने कहा। दरअसल, भारत की शिक्षा प्रणाली ही “नॉन-बायोलॉजिकल” प्रधानमंत्री की सरकार द्वारा बर्बाद हुई है। “

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