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प्रेग्नेंसी में नारियल पानी पीने से क्या बच्चा गोरा पैदा होता है? जानें वैज्ञानिक सच्चाई, बच्चों के रंग पर जीन और मेलेनिन का असर, और नारियल पानी के स्वास्थ्य लाभ।
प्रेग्नेंसी के दौरान मां का खानपान और हेल्थ बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस समय कई महिलाएं समाज में फैली मान्यताओं को भी सच मान लेती हैं। ऐसे में अक्सर सुना जाता है कि प्रेग्नेंसी में नारियल पानी पीने से बच्चा गोरा पैदा होता है। आइए जानते हैं कि इस दावे में कितनी सच्चाई है।
बच्चों का रंग किस पर निर्भर करता है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बच्चों का स्किन टोन पूरी तरह माता-पिता के जेनेटिक फीचर्स (जीन) पर निर्भर करता है। शरीर में मेलेनिन की मात्रा यह तय करती है कि बच्चा गोरा होगा या सांवला।
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मेलेनिन ज्यादा – बच्चा सांवला
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मेलेनिन कम – बच्चा हल्का गोरा
इसलिए चाहे आप प्रेग्नेंसी में नारियल पानी पिएं, नारियल खाएं या केसर वाला दूध लें, इससे बच्चे का रंग प्रभावित नहीं होता। विज्ञान की दृष्टि से किसी भी फूड या ड्रिंक का स्किन टोन पर कोई असर नहीं है।
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सोशल मीडिया और डॉक्टरों की राय
सोशल मीडिया और यूट्यूब पर कई वीडियो वायरल होते हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती तीन महीने में नारियल पानी पीने से बच्चा गोरा पैदा होता है।
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हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यह दावा पूरी तरह गलत और आधारहीन है।
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मेडिकल साइंस में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि कोई पौष्टिक तत्व बच्चे के स्किन टोन को बदल सकता है।
प्रेग्नेंसी में नारियल पानी पीना सुरक्षित है?
बच्चे का रंग बदलने का दावा गलत होने के बावजूद, नारियल पानी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।
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इसमें कैल्शियम, पोटेशियम और इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट रखते हैं।
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यह एनर्जी बढ़ाता है और डाइजेशन में मदद करता है।
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गर्मी, उल्टी और डिहाइड्रेशन के समय भी यह बहुत उपयोगी है।
सावधानी:
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डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर वाली प्रेग्नेंट महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के बिना नारियल पानी नहीं पीना चाहिए।
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नारियल पानी में प्राकृतिक शुगर और पोटेशियम होता है, जो कुछ महिलाओं में ब्लड शुगर या ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है।