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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के वनटांगिया गांव का विकास हुआ है। जनकल्याण योजनाओं से सजीव हुआ यह गांव अब शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं में आगे बढ़ चुका है।
उत्तर प्रदेश के जंगल तिकोनिया नम्बर तीन में स्थित वनटांगिया गांव, जो कभी सरकारी अभिलेखों में पहचान से वंचित था, अब सरकारी योजनाओं से सजीव हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस गांव का कायाकल्प हुआ है और यह अब एक आदर्श ग्राम बन चुका है, जहां हर घर में विकास की झलक देखने को मिलती है।
वनटांगिया गांव को मिली राजस्व ग्राम की पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पहले कार्यकाल में जंगल तिकोनिया नम्बर तीन सहित सभी वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम घोषित किया था। इससे इन गांवों में शासन की योजनाओं का प्रवाह शुरू हुआ और गांव में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मुहैया कराई गईं। इस बदलाव के बाद, वनटांगिया समुदाय के लोग अब सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
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मुख्यमंत्री आवास योजना से हर घर को पक्का मकान
गांव में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 440 परिवारों को पक्का घर मिला, और अब 2024-25 के वित्तीय वर्ष में तीन और परिवारों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 458 शौचालय बनाए गए हैं, जिससे गांव में स्वच्छता और hygiene की स्थिति में सुधार हुआ है।
पीने के पानी, बिजली और शिक्षा में सुधार
गांव में पाइपलाइन के माध्यम से लगभग सभी घरों को पेयजल की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा, पूरे गांव का विद्युतीकरण किया गया है, जिससे वहां की जीवनशैली में सुधार आया है। गांव में इंटरलॉकिंग खड़ंजा सड़कें बनवाई गई हैं, जिससे गांव के अंदर आवागमन में सहूलियत हुई है।
शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम
गांव में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए योगी आदित्यनाथ ने बतौर सांसद गोरक्षनाथ विद्यापीठ की स्थापना की थी, जो अभी भी संचालित है। इसके बाद मुख्यमंत्री बनने पर, उन्होंने यहां एक जूनियर हाईस्कूल (कम्पोजिट विद्यालय) की स्थापना करवाई, जिससे अब गांव के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है। इसके अतिरिक्त, एक आंगनवाड़ी केंद्र भी स्थापित किया गया है, जिससे बच्चों के विकास में मदद मिल रही है।