उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर पारंपरिक ‘महानिशा पूजा’ का आयोजन किया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और पूजा के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्रि के आठवें दिन पारंपरिक ‘महानिशा पूजा’ का आयोजन किया। इस पूजा में योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा का पालन करते हुए वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया।
योगी आदित्यनाथ, जो गोरक्षपीठाधीश्वर भी हैं, ने इस विशेष पूजा के दौरान भगवान गणेश, देवी दुर्गा, भगवान राम, सीता और लक्ष्मण, भगवान कृष्ण, नवग्रह, शिव-शक्ति, काल भैरव, अस्त्र-शस्त्र पूजन, द्वादश ज्योतिर्लिंग, अर्धनारीश्वर और अन्य देवताओं की पूजा की। इस विस्तृत अनुष्ठान में करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक पूजा-अर्चना की गई। हवन की वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रूद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर पूजा अर्चना की गई।
also read: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025…
गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन
योगी आदित्यनाथ ने इस पूजा के बाद शक्तिपीठ में स्थापित वेदी पर उगे जौ के पौधों को काटकर आदिशक्ति मां दुर्गा से लोकमंगल की प्रार्थना की। महानिशा पूजा का समापन गोरक्षपीठाधीश्वर द्वारा हवन करके किया गया। इस पूजा में श्री दुर्गा सप्तशती के पाठ और वैदिक मंत्रों का पाठ किया गया। पूजा के बाद आरती और क्षमा याचना के साथ प्रसाद वितरित किया गया।
कन्या पूजन और दशहरा यात्रा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वे बुधवार को पारंपरिक बटुक पूजा करेंगे और छोटी कन्याओं के पैर धोकर उन्हें भोजन, उपहार और दक्षिणा देंगे। इसके बाद, गुरुवार को विजयादशमी के अवसर पर वे गुरु गोरखनाथ की विशेष पूजा करेंगे और गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर रामलीला मैदान तक पारंपरिक दशहरा यात्रा का नेतृत्व करेंगे।