मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा विभाग की बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए उच्चस्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए बजट घोषणाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण और मरम्मत कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता हो और इसके लिए जिम्मेदारी तय हो।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को देश का सुनहरा भविष्य बताया और कहा कि उनकी सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए विद्यालयों के निर्माण और मरम्मत के कार्यों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, स्कूली शिक्षा विभाग में कार्यकारी एजेंसी नियुक्त कर जवाबदेही स्थापित करने का भी आदेश दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में राजकीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की। उन्होंने जर्जर और जीर्ण-क्षीर्ण शैक्षणिक संस्थानों की विस्तृत जांच कराने तथा मरम्मत कार्यों की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। खराब निर्माण कार्यों के लिए सख्त जवाबदेही व्यवस्था लागू करने को भी प्राथमिकता दी गई। विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार कक्षाओं और अन्य सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित करने के साथ-साथ विशेष योग्यजन विद्यार्थियों के लिए व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए गए। डांग, मगरा और मेवात क्षेत्रीय विकास योजना के तहत मरम्मत कार्यों के लिए 20 प्रतिशत राशि का प्राथमिकता से उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।
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मुख्यमंत्री ने स्कूलों और महाविद्यालयों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए, जिससे ऊर्जा की जरूरत पूरी हो और आधारभूत संरचना सुदृढ़ हो सके। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के डाईनिंग हॉल को मल्टीपरपज हॉल में विकसित करने के निर्देश भी जारी किए गए।
श्री शर्मा ने सामाजिक सरोकारों को प्रोत्साहित करते हुए भामाशाहों और समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ समन्वय बनाकर विद्यालय भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में सहयोग की अपील की। साथ ही, खेड़ली-गुर्जर, भरतपुर में विकसित हो रहे स्पोर्ट्स स्कूल की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की। कॉर्पोरेट सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के संचालन के लिए मास्टरट्रेनर की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उच्च शिक्षा विभाग को प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करने के भी आदेश दिए गए। स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब की स्थापना और रखरखाव की समीक्षा भी बैठक में की गई।
इसके अतिरिक्त, फॉरेन लैंग्वेज कम्युनिकेशन स्किल स्कीम के तहत विदेशी भाषाओं के सर्टिफिकेशन कोर्सेज को रोजगारोन्मुखी बनाने, अधिक प्रशिक्षार्थियों को जोड़ने और प्रशिक्षण केंद्रों पर परीक्षाओं के आयोजन को सुनिश्चित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर ने हरियालो राजस्थान के तहत लगाए गए दुर्लभ प्रजातियों के पौधों के लिए वर्ल्ड बुक रिकॉर्ड ऑफ लंदन का सर्टिफिकेट भी प्रदान किया। इस बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।