उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयुर्वेद और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के हर जिले में आदर्श आयुष गांव और नए योग व वेलनेस केंद्र स्थापित करने की योजना का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में आयुर्वेद और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने 10वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो की उपलब्धियों पर आधारित दस्तावेजों का विमोचन किया और प्रदेश के हर जिले में एक-एक आदर्श आयुष गांव बनाने की योजना का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आयुर्वेद को प्रदेश में बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले में मॉडल आयुष गांव बनाए जाएंगे, जहां पर योग, आयुर्वेद और होम्योपैथी से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा 50-बेड वाले आयुष अस्पताल, नए योग और वेलनेस केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हैं और ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से 70 से अधिक विशेषज्ञ ऑनलाइन परामर्श प्रदान कर रहे हैं। भविष्य में टेली कंसल्टेशन की सुविधा भी शुरू की जाएगी जिससे आयुष सेवाएं और अधिक सुलभ बनेंगी।
सीएम ने कहा कि विश्व आयुर्वेद कांग्रेस और आरोग्य एक्सपो के दस्तावेज न केवल प्रदेश बल्कि देश और विश्व के लिए भी अनुसंधान, नीति निर्माण और जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आयुर्वेद का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार इस क्षेत्र की क्षमता और महत्व को दर्शाता है।
इस अवसर पर सीएम ने विज्ञान भारती द्वारा आयोजित विज्ञान विद्यार्थी मंथन प्रतियोगिता की भी सराहना की, जो युवाओं में अनुसंधान और नवाचार की भावना को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो रही है।
कार्यक्रम की शुरुआत उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में आई आपदा के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट के मौन से की गई। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।