हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 602 गोशालाओं को ₹68.34 करोड़ का चारा अनुदान वितरित किया, सोनीपत में राज्यस्तरीय समारोह आयोजित।
सोनीपत जिले के भटगांव में आयोजित राज्यस्तरीय गोशाला चारा अनुदान वितरण समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की 602 पंजीकृत गोशालाओं को ₹68.34 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की। कार्यक्रम धर्मार्थ गोशाला भटगांव परिसर में आयोजित किया गया और इसे प्रदेशभर के गोसेवा संगठनों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।
समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, मंत्री रणबीर गंगवा, मंत्री अरविंद शर्मा, सोनीपत विधायक निखिल मदान, गन्नौर विधायक देवेंद्र कादियान, खरखौदा विधायक पवन खरखौदा, पूर्व मेयर राजीव जैन और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी होली की शुभकामनाएं और गोसेवा के प्रति प्रतिबद्धता जताई
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का समारोह में भव्य स्वागत किया गया। अपने संबोधन में सीएम सैनी ने कहा कि गोमाता की सेवा केवल आस्था नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं दी और गोशालाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
जय गौ माता 🙏
सोनीपत के भटगांव स्थित धर्मार्थ गौशाला के 126वें वार्षिक उत्सव पर आयोजित “गौशालाओं के चारा अनुदान वितरण समारोह” में प्रदेशभर से पधारे सभी गौभक्तों एवं गौ-सेवकों का स्वागत किया और सभी को होली के महापर्व की बधाई दी।
आज प्रदेश की 602 पंजीकृत गौशालाओं के लिए ₹68.34… pic.twitter.com/AmYiWo5L4F
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) March 3, 2026
सोनीपत की 27 गोशालाओं को 5.60 करोड़ रुपए का अनुदान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जानकारी दी कि सोनीपत जिले की 27 पंजीकृत गोशालाओं को ₹5.60 करोड़ की राशि प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि पिछले सवा 11 वर्षों में हरियाणा की गोशालाओं को अब तक ₹525.75 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
गोवंश की संख्या में बड़ा इजाफा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि वर्ष 2014 में प्रदेश में केवल 215 पंजीकृत गोशालाएं थीं, जिनमें लगभग 1.75 लाख गोवंश थे। वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 697 पंजीकृत गोशालाओं और लगभग 4 लाख बेसहारा गोवंश तक पहुँच चुकी है। यह वृद्धि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
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सौर ऊर्जा और पशु स्वास्थ्य सुविधाएं
प्रदेश की 330 गोशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट लगाए जा चुके हैं और 2026-27 तक सभी पंजीकृत गोशालाओं को सौर ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, गोवंश के स्वास्थ्य के लिए गोशालाओं में पशु चिकित्सकों की नियमित ड्यूटी और मोबाइल पशु चिकित्सालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
दो गो-अभ्यारण्य और देसी नस्लों का संरक्षण
बेसहारा गोवंश के पुनर्वास के लिए प्रदेश में दो गो-अभ्यारण्य स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत हरियाणा, साहिवाल और बेलाही नस्ल की गायों के गोपालकों को ₹5,000 से ₹20,000 तक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।
गो-वध पर कड़ा कानून
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा गो-वध संरक्षण एवं गोसंवर्धन अधिनियम-2015 लागू है, जिससे गोहत्या और अवैध तस्करी पर सख्त दंड का प्रावधान है।
समाज से सहयोग का आह्वान
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने सामाजिक और धार्मिक संगठनों, पंचायतों और युवाओं से अपील की कि वे गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पादों के माध्यम से गोशालाएं स्वावलंबन की दिशा में बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भरोसा दिलाया कि हरियाणा सरकार गोसेवा के क्षेत्र में निरंतर समर्पित भाव से कार्य करती रहेगी।