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CM Nayab Saini: यूटी में हरियाणा की अलग विधानसभा पर दोनों राज्य आमने-सामने हैं
CM Nayab Saini: पंजाब और हरियाणा ने सिर्फ चंडीगढ़ में हरियाणा की नई विधानसभा पर बहस की है। हरियाणा को यूटी में नई विधानसभा के लिए 10 एकड़ जमीन मिलने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आपत्ति व्यक्त की है। इस बीच, शुक्रवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री को कड़ी नसीहत दी, कहा कि पंजाब सरकार को किसानों के हित में काम करना चाहिए, न कि मुद्दा छोड़ देना चाहिए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि हरियाणा का भी चंडीगढ़ पर अधिकार है। चंडीगढ़ ही हरियाणा विधानसभा का नवनिर्मित भवन होगा। इस मुद्दे पर एक प्रेस कांफ्रेंस में सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम, नलवा के रणधीर सिंह पनिहार, हांसी के विनोद भ्याना और गन्नौर से निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादियान भी उपस्थित थे।
सैनी ने कहा कि हरियाणा पंजाब का छोटा भाई है। इसलिए ऐसी बयानबाजी करके शत्रुता पैदा करने या भाईचारा खराब करने को ईश्वरीय कार्य नहीं मानें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल नहीं खरीद रही है और उन्हें एमएसपी का मूल्य नहीं मिल रहा है। पंजाब सरकार किसानों की स्थिति को सुधारने पर ध्यान दे।
जनता सबक सिखाएगी
नायब सैनी ने कहा कि आप और कांग्रेस एक ही थाली में हैं। दोनों ने पंजाब की जनता के हित में काम नहीं किया। पंजाब सरकार को जनता सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बहुत कुछ किया है। लेकिन धरातल पर नहीं काम किया। किसान कांग्रेस इसलिए नाराज़ हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कोई नीति या भावना नहीं थी, जबकि हमारे पास ऐसा है। किसानों को पंजाब में फसल बेचने के लिए सड़कों पर जाम लगाना पड़ा, लेकिन उनकी फसल नहीं बिकी और उन्हें एमएसपी का मूल्य नहीं मिला। नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों की मदद करने और उन्हें मजबूत और सशक्त बनाने का हमेशा प्रयत्न किया है।
आप: चंडीगढ़ पंजाब का हिस्सा है
आम आदमी पार्टी (आप) का कहना है कि हरियाणा को चंडीगढ़ में विधानसभा भवन बनाने के लिए एक इंच भी जमीन नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि यह पंजाब का हिस्सा है। यह आग्रह शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से एक प्रतिनिधिमंडल ने किया। पंजाब में सत्तारूढ़ आप और राज्य के विपक्षी दलों ने चंडीगढ़ में हरियाणा को विधानसभा भवन बनाने के लिए 10 एकड़ जमीन देने के केंद्र के कथित कदम की आलोचना की है। शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा के सत्तारूढ़ दलों आप और भाजपा में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई। आप के प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कटारिया में मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से कहा, “चंडीगढ़ पंजाब का है और हम एक इंच भी जमीन नहीं देंगे..। हम चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार लड़ेंगे। हमने इस विषय में राज्यपाल को पत्र भेजा है। हमने कहा है कि हरियाणा को चंडीगढ़ में विधानसभा भवन बनाने के लिए कोई जमीन नहीं दी जानी चाहिए।केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, जो पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी है, के प्रशासक भी राज्यपाल कटारिया हैं।